– मेयो अस्पताल में हज यात्रियों की जांच में कुप्रबंधन, घंटों धूप में खड़े रहे तीर्थयात्री
नागपुर :- इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) में हज यात्रा-2०26 के लिए आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर के पहले ही दिन भारी अव्यवस्था का आलम रहा. अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे 1हजार से अधिकतीर्थयात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण घंटों परेशान होना पड़ा.
शिविर में पहुंचे हज यात्रियों ने आरोप लगाया कि वहां न तो पर्याप्त डॉक्टर मौजूद थे और न ही जरूरी उपकरण. ईसीजी मशीनें बंद पड़ी थीं और जांच के लिए आवश्यक रोल और बेड तक उपलब्ध नहीं थे. इस कुप्रबंधन की वजह से चिलचिलाती धूप और भीड़ के बीच बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
अव्यवस्था की सूचना मिलते ही प्रभाग 8 के नगरसेवक वसीम खान मौके पर पहुंचे. वहां पहले से ही नगरसेवक सिराज अहमद मौजूद थे, जो यात्रियों की सहायता में जुटे हुए थे.
वसीम खान ने मौके की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, आज जो असुविधा हुई है, उसे हमने जैसे-तैसे संभाल लिया है, लेकिन भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर कल से हाजियों को कोई भी परेशानी हुई, तो हम कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे. महाराष्ट्र हज कमेटी के अध्यक्ष आसिफ खान को भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए तुरंत बुलाया और अव्यवस्था पर कड़ा रोष व्यक्त किया.
ईसीजी मशीन बंद, डॉक्टर नदारद
वसीम खान ने मेयो अस्पताल के डीन को फोन किया, डीन बाहर होने कि जानकारी देते हुए नितिन शेंडे से संपर्क करने कि बात कही हालांकि शुरुआत में उन्होंने फोन नहीं उठाया. बाद में संपर्क होने पर खान ने उन्हें ग्राउंड जीरो की हकीकत से अवगत कराया. डीन और नितिन शेंडे ने अंतत: आश्वासन दिया है कि कल से शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी और किसी भी तीर्थयात्री को परेशानी नहीं होने दी जाएगी.




