नागपुर :- अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के तेजी से फैलते प्रकोप के बीच भारत के साथ-साथ अब सिटी में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युगांडा से नागपुर पहुंचे 47 वर्षीय युवक को 21 दिनों के लिए होम और आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी गई है. बताया जाता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) केंद्र सरकार के दिशानिर्देश आने के बाद डॉ. बाबासाहब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्र की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो चुकी हैं. यहां तक कि निर्देशों के अनुसार विदेशी यात्रियों की जांच के लिए टीमों को तैनात कर दिया गया. बताया जाता है कि अब तक केंद्रीय स्वास्थ्य एजेंसी की ओर से 404 विदेश यात्रियों की जांच हो चुकी है. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में अब तक इबोला के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है.
दिशानिर्देशों के अनुसार अब महानगरपालिका ने भी अपने 150 स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसे मरीज से कैसे निपटा जाए, जांच के दौरान किस तरह की सावधानियां बरती जाएं, ऐसे तमाम बिदुओं को लेकर प्रशिक्षण दिया है. वर्तमान में नागपुर शहर या जिले में इबोला का एक भी मामला नहीं है. हालांकि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी पूरी तरह से सतर्क है और हर परिस्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है. उन्होंने जनता से अपील करते हुए जानकारी दी कि इबोला एक ऐसी बीमारी है जो सीधे संपर्क से फैलती है.
चूंकि एयरपोर्ट पर केंद्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की ओर से स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है.
ऐसे में केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले एम्स में ही फिलहाल क्वारेन्टाइन सेंटर तैयार किया गया है.
अधिकारी के अनुसार केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार मरीजों को 3 वर्गों में विभाजित किया जाना है जिसमें यदि युगांडा से आने वाला कोई भी यात्री वहां के बाधित मरीज के सम्पर्क में आने का खुलासा होता है तो ही उसे क्वारेन्टाइन सेंटर में रखा जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो युगांडा से आया युवक वहां पर व्यवसाय करता है. युगांडा से शारजाह होते हुए वह नागपुर पहुंचा था. डब्ल्यूएचओ के निर्देशों के अनुसार चूंकि वह युगांडा से आया था, अतः उसे होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई. युवक से मिलकर उसके यात्रा और स्वास्थ्य की पूरी पूछताछ की गई है. चूंकि फिलहाल उसमें इबोला के कोई लक्षण नहीं हैं. ऐसे में उसकी निगरानी की आवश्यकता भी नहीं है. बहरहाल उसे घर में परिवार के सदस्यों से अलग रहने की सलाह तो दी गई किंतु इसकी भी आवश्यकता नहीं है.



