नागपूर :- नागपुर महानगरपालिका (मनपा) ने अपनी बस सेवा के चालक-वाहक कर्मचारियों को सितंबर का वेतन और दिवाली बोनस 17-18 अक्टूबर तक देने की लिखित सहमति दी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थानीय इकाई द्वारा व्हॉट्सऍप पर प्रसारित एक संदेश में दावा किया गया था कि मनपा ने सभी ऑपरेटर्स को बोनस की राशि पहले ही दे दी है, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों को नहीं दी। मनपा अधिकारियों ने इस जानकारी को खारिज करते हुए इसे गलत बताया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध कामगार संघटना (नेतृत्व: नागेश सहारे) द्वारा प्रसारित संदेश में कहा गया है कि मनपा ने कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फाइलें तैयार कर 18 अक्टूबर तक सभी देयकों का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
पत्रकारों ने मनपा कार्यालय जाकर की गई पड़ताल में भाजपा संघटना के दावे सही पाए गए, जबकि राष्ट्रवादी संघटना के दावे आधारहीन और भ्रम फैलाने वाले निकले। गलत जानकारी फैलाकर कर्मचारियों की रोजीरोटी से खिलवाड़ करने वालों पर श्रम कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है, ऐसा इशारा अधिकारियों ने दिया है।

वायरल संदेश विवाद: कौन सही, कौन गलत?
नागपुर मनपा की ‘आपली बस सेवा’ में लगभग 2,200 बस चालक और वाहक कर्मचारियों के वेतन और दिवाली बोनस को लेकर दो विरोधाभासी व्हॉट्सऍप संदेश वायरल हुए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
एक संदेश में राष्ट्रवादी कांग्रेस ने दावा किया कि मनपा ने ऑपरेटर्स को पैसा दिया है, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों को नहीं दिया। अगर 16 अक्टूबर तक बोनस नहीं मिला तो 17 अक्टूबर से कामबंद आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा समर्थित संघटना ने बताया कि मनपा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी चालक-वाहकों को बोनस राशि 17 अक्टूबर शाम से 18 अक्टूबर दोपहर तक उनके खाते में जमा की जाएगी।
मनपा का स्पष्टीकरण: 18 तारीख तक देयकों की तैयारी
मनपा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सितंबर का वेतन, बकाया वेतन और बोनस के भुगतान की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्धारित नियमों के अनुसार फाइलें तैयार की जा रही हैं।
मनपा अतिरिक्त आयुक्त (परिवहन) वासु पंत, परिवहन प्रबंधक राजेश भगत और प्रशासन अधिकारी योगेश लुंगे ने बताया कि 15 अक्टूबर को हुई बैठक में मनपा ने सभी कर्मचारियों को 17 अक्टूबर शाम तक या 18 अक्टूबर दोपहर 2 बजे तक भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया है।
पड़ताल: भाजपा संघटना का दावा सही निकला
नागपुर के पत्रकारों और प्रतिनिधियों ने मनपा परिवहन विभाग जाकर दोनों संदेशों की जांच की। आधिकारिक दस्तावेजों और सूत्रों के अनुसार, भाजपा संघटना द्वारा प्रसारित जानकारी वस्तुनिष्ठ और वास्तविक पाई गई।
मनपा प्रशासन ने बोनस और वेतन के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था कर प्रशासकीय मंजूरी की प्रक्रिया तेज की है। दिवाली से पहले सभी देयकों का भुगतान कर्मचारियों के खाते में किया जाएगा।
निष्कर्ष: तथ्यों पर विश्वास करें, अफवाहों से बचें
मनपा आपली बस सेवा कर्मचारियों के वेतन-बोनस प्रकरण में अंततः स्थिति साफ हो गई है। भाजपा समर्थित संघटना की जानकारी सही निकली है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस के संदेश में गलत दावे पाए गए।
कर्मचारियों की रोजीरोटी का सवाल बेहद संवेदनशील है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए गलत आरोप-प्रत्यारोप कर भ्रम फैलाना उचित नहीं। प्रशासन और जानकारों का कहना है कि कर्मचारियों को आधिकारिक दस्तावेजों और तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए, अफवाहों में नहीं आना चाहिए।
– राजीव रंजन कुशवाहा




