Home Latest News विकास के नाम पर 80 साल पुराना नीम का पेड़ काटा गया।

विकास के नाम पर 80 साल पुराना नीम का पेड़ काटा गया।

0

<p><strong>गोंदिया &colon;- <&sol;strong>एक तरफ तो प्रशासन जनता से जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पेड़ लगाने के लिए आवाहन करता है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड रुपए खर्च करके विज्ञापन के माध्यम से लोगों को पेड़ लगाने के लिए कहा जाता है।<&sol;p>&NewLine;<p>जिसके लिए कई सामाजिक संस्थाओं का भी सहारा लेकर करोडो रुपये टेंडर के माध्यम से वृक्षारोपण करने के लिए खर्च कर दिए जाते हैं। किंतु लाखों पेड़ सिर्फ कागजों पर ही लगाए जाते हैं। वास्तव में जमीनी स्तर पर सिर्फ दिखावे के लिए ही वृक्षारोपण किए जाने की वर्षों वर्ष से परंपरा चलती आ रही है। कुछ सामाजिक संगठन पर्यावरण प्रेमी जो वर्तमान स्थिति में वाकई में बढ़ते हुए प्रदूषण से चिंतित हैं ।<&sol;p>&NewLine;<p>वे अपनी ओर से स्वेच्छा से वृक्षारोपण का कार्यक्रम कई वर्षों से करते आ रहे हैं&comma; किंतु प्रशासन मात्र विकास के नाम पर अवैध तरीके से प्रशासनिक कार्य के नाम पर ठेकेदार बिना वन विभाग की मंजूरी लिए कई वृक्षों की कटाई करते आ रहे हैं। है जबकि शासन के नियम अनुसार वर्षों की कटाई करनी है&comma;तो उसके बदले में भी पहले पेड़ लगाने आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;<p>किंतु यह नियम सिर्फ कागजों पर ही बना हुआ प्रतीत होता है।<&sol;p>&NewLine;<p>इसका पालन करते कोई भी नजर नहीं आता और ना ही प्रशासन में बैठे जवाबदार अधिकारी भी इस ओर ध्यान नही देते देते हैं।<&sol;p>&NewLine;<p>ऐसा ही एक प्रकरण गोंदिया नगर परिषद कार्यालय अंतर्गत सामने आया है जहां करीब 75 से 80 साल पुराना हराभरा नीम के पेड़ को विकास के नाम पर 27 मई 2026 से काटने का कार्य शुरू है।<&sol;p>&NewLine;<p>जिसके लिए ठेकेदार द्वारा नियम अनुसार पेड़ काटने की भी परमिशन नहीं लिए जाने की चर्चा नगर परिषद में व्याप्त है।<&sol;p>&NewLine;<p>जिस कारण नगर परिषद की कई अधिकारी&comma; कर्मचारी भी इस पेड़ के काटने से काफी नाराज है। किंतु उनके भी हाथ प्रशासन के द्वारा दी गई जिम्मेदारी के कारण बंधे होने से वे आवाज उठाने में आसक्षम है।<&sol;p>&NewLine;<p>नीम का हरा भरा पेड़ काटने का कारण पूछने पर नगर परिषद के मुख्यधिकारी श्री संदीप बोरकर ने बताया कि पेड़ काटने का मुख्य कारण वहां पर पानी की टंकी बन रही है।<&sol;p>&NewLine;<p>जिसके कारण निम के पेड़ को काटा जा रहा है। पानी भी लोगों के लिए अति आवश्यक है जिस कारण शहर में जनता को नियमित पानी पूर्ति करने के लिए आने वाले भविष्य में पानी की कमी ना हो इस बात को ध्यान में रखकर पानी टंकी निर्माण का कार्य करने हेतु पेड़ को काटा गया है। आने वाले समय में नगर परिषद गोंदिया द्वारा शहर में कम से कम 5000 पेड़ लगाने की बात मुख्यधिकारी द्वारा बताई गई। और उन्होंने कहा कि यह पेड़ 5 फीट हाइट के रहेंगे जो शहर में सभी तरफ लगाए जाएंगे और मेरे कार्यकाल में यह पेड़ लगाने की कार्यवाही वास्तव में जमीन पर ही कार्यवाही होगी।<&sol;p>&NewLine;

Exit mobile version