Home Latest News तीन देशों में आखिर क्यों नहीं पकड़ा गया तस्कर?

तीन देशों में आखिर क्यों नहीं पकड़ा गया तस्कर?

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<p><strong>&&num;8211&semi; अब ड्रग्स के &&num;8216&semi;रिसीवर&&num;8217&semi; की तलाश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong> à¤¡à¥‰&period; बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर शुक्रवार तड़के कतर एयरवेज की फ्लाइट से पकड़ा गया तस्कर फिलहाल जेल में है&period; अब उससे माल लेने वाले यानी रिसीवरों की तलाश में एजेंसियां जुटी हुई हैं&period; डीआरआई गुप्त सूचना के आधार पर अपने ढंग से आरोपी पर जमीन से लेकर आसमान तक में नजर बनाए हुए थी&period; वह इस एजेंसी के रडार पर ही था और जिस छोटे स्टेशन से पार होने का भ्रम पाले बैठा था&comma; वहीं धरा गया&period; ड्रग्स के स्मगलर बैंकाक से नागपुर जैसे अन्य छोटे स्टेशनों तक सीधी उड़ान की चाहत में होते हैं&period; दरअसल बड़े एयरपोर्ट पर उन्हें पकड़े जाने की ज्यादा आशंका होती है&period; इस ड्रग्स तस्कर ने तस्करी के लिए काफी लंबा सफर तय किया&period; बैंकाक से यह माल उसने तीन देशों से तस्करी करते हुए भारत लाया&period; ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वो ताशकंद व दोहा जैसे एयरपोर्ट में क्यों नहीं पकड़ा गया&quest; दरअसल उसने इस मामले में खाने के आइटम वाली कुछ कैन का उपयोग किया&period; इनमें ही उसने हाइड्रोपोनिक वीड मारिजुआना को ऐसे पैक किया जैसे वो खाने का सामान ही लगे&period; इसके अलावा इसने अपने इस सामान को ट्रांजिट पार्सल में डाल दिया था&period; इससे उसे एक बार ही चेक इन करना पड़ा&period; इसलिए ये माल फ्लाइट से दूसरी फ्लाइट में ही कार्गो सेक्शन में जाता रहा लेकिन नागपुर में तो उसे उतरना ही था&period; उल्लास नगर के इस यात्री का सारा उत्साह डॉ&period; बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर खत्म हो गया&period;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>फेटामाइन की खेप में पकड़ा गया था &&num;8216&semi;रिसीवर&&num;8217&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>20 अगस्त 2023 में नागपुर एयरपोर्ट पर अब तक की सबसे बड़ी 24 करोड रुपए की ड्रग्स की तस्करी पकड़ी गई थी&period; इस मामले में डीआरआई ने फिल्मी अंदाज में ऐसा सीन तैयार किया था कि मास्टरमाइंड लेडी भी इस जाल में फंस गई और उसके इशारों पर रिसीवर भी पकड़ा गया&period; ड्रग्स के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ये प्लानिंग सराहनीय थी&period; पूर्व में किए गए एक्शन प्लान भी आगे की कार्रवाई में कारगर हो सकते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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