कोतवालों को चतुर्थ श्रेणी दर्जा मे शामिल के लिए बेमियादी धरना

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नागपर :- संविधान चौक मे गत कई दिनो से सतत आंदोलन महाराष्ट्र राज्य के राजस्व विभाग में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्यरत (कोतवाल) लंबे समय से शासकीय चतुर्थ श्रेणी का दर्जा की मांग के लिए आंदोलन सुरु है।

राजस्व विभाग जिला अधिकारी से लेकर कोतवाल स्तर तक ग्रामीण और नगर स्तर पर शासन की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों को अंतिम स्तर तक पहुँचाने का काम कोतवाल करता है. न केवल राजस्व कार्य बल्कि जनता से जुड़े अनेकों गैर-राजस्व कार्य जैसे आपत्ती प्रबंधन, टंचाई कार्य, चुनाव प्रक्रिया, जनगणना, जाति प्रमाणपत्र और कृषि व सामाजिक योजनाओं का निरंतर कार्य भी निभाते हैं। इसके बावजूद शासन द्वारा चतुर्थ श्रेणी का दर्जा प्रदान नहीं किया गया है।

कोतवाल संगठन ने यह स्पष्ट किया है कि यदि ११ सितम्बर २०२५ तक उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो १२ सितम्बर २०२५ से महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री कार्यालय पर बेमियादी धरना,यदि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर के कोतवाल चरणबद्ध राह चुनने के लिए बाध्य

कोतवाल कर्मचारियों की मांग

वे 24 घंटे समाज और प्रशासन के लिए उपलब्ध रहते हैं. – उन्हें अन्य राजस्व कर्मचारियों समान सेवा सुविधाएँ मिलनी चाहिए. – शासन ने उनकी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल चतुर्थ श्रेणी दर्जा प्रदान करना चाहिए.