– 5,012 प्राध्यापकों की भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त
छत्रपति संभाजीनगर :- महाराष्ट्र के निजी अनुदानित वरिष्ठ महाविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े प्राध्यापकों के 5,012 पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने अहम टिप्पणी की सरकार ने स्वयं यूजीसी के नियमों को है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि राज्य अनिवार्य किया है, इसलिए आगामी भर्ती प्रक्रिया में इनका पालन करना जरूरी होगा. न्यायमूर्ति विभा कंकणवाडी और न्यायमूर्ति अजीत बी. कडेठाणकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार के 11 फरवरी 2026 के जीआर का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में दायर याचिका का निपटारा कर दिया. यह याचिका सेवानिवृत्त प्राचार्य लालचंद अवचित पाटिल ने दाखिल की थी.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अजय देशपांडे ने अदालत को बताया कि यूजीसी की गाइडलाइन कई बार सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं और भर्ती प्रक्रिया में उनका सही पालन नहीं होता. इस पर अदालत ने राज्य सरकार के 11 फरवरी 2026 के शासन निर्णय का हवाला दिया, जिसमें निजी अनुदानित महाविद्यालयों के 5,012 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी गई है. साथ ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.