तिरोड़ा :- तिरोड़ा तहसील के खैरबोडी ग्रामपंचायत के सचिव डब्लू टी. सातपुते पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। मामले में संबंधित सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
कृषि उत्पन्न बाजार समिति तिरोड़ा के पूर्व सभापति वाय. टी. कटरे ने बताया कि उन्होंने 24 मार्च 2026 को ग्रामपंचायत खेरवाडी के सार्वजनिक सूचना अधिकारी (ग्रामसेवक) को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित शुल्क जमा कर जानकारी मांगी थी। नियमानुसार 30 दिनों के भीतर जानकारी देना अथवा जानकारी उपलब्ध न करा पाने की स्थिति में लिखित सूचना देना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
इसके बाद 15 जून 2026 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद गोंदिया के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई तथा उसकी प्रति खंड विकास अधिकारी, पंचायत समिति तिरोड़ा को भी भेजी गई। इसके बावजूद न तो जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।
8 जुलाई को खंड विकास अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा के बाद वाय. टी. कटरे ने पंचायत समिति कार्यालय में उनसे मुलाकात की। इस दौरान खंड विकास अधिकारी ने ग्रामसेवक डब्लू टी सातपुते को आमने-सामने बुलाकर मामले की जानकारी ली। बताया गया कि सचिव ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए चार दिनों के भीतर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
वाय. टी. कटरे ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो ग्रामपंचायत खैरबोड़ी कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में कांग्रेस नेता सुनील बिसेन, उपसरपंच महेश ठाकरे, लोकलाल टेंभरे, दिक्षाताई सुनील नागदेवे सहित ग्रामपंचायत के सदस्य एवं कांग्रेस पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे।




