– राज्यसभा के बाद विधान परिषद की लड़ाई
नागपुर :- राज्यसभा चुनाव के बाद अब राज्य में जल्द ही विधान परिषद चुनाव की घोषणा होने की संभावना है. चुनाव को देखते ही भारतीय जनता पार्टी में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. खासतौर पर विदर्भ से उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा विधान परिषद चुनाव में विदर्भ से किन नेताओं को अपना उम्मीदवार बनाती है.
15 मई को विधान परिषद की नौ सीटें खाली हो रही हैं. जिनमे भारतीय जनता पार्टी की तीन, शिवसेना उद्धव ठाकरे दो सहित कांग्रेस, एनसीपी अजित, एनसीपी शरद पवार और शिवसेना शिंदे के पास एक-एक सीट शामिल है. मौजूदा समय में विधानसभा का गणित देखते हुए आठ सीट महायुति तो एक सीट महाविकास आघाड़ी जीत सकती है.
भाजपा के जिन विधायकों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें दादाराव केचे , संदीप जोशी और रमेश कराड शामिल हैं. संदीप जोशी ने आगामी चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की भी घोषणा की है. वहीं दादाराव केचे का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है. विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद भाजपा ने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया था. अब कार्यकाल समाप्त होने के बाद केचे एक बार फिर विधान परिषद में जाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.
विधान परिषद चुनाव में भाजपा के कोटे में चार सीटें आने की पूरी संभावना जताई जा रही है. इसे देखते हुए जहां एक ओर ऊपरी सदन में जाने के इच्छुक नेताओं ने लॉबिंग शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर पार्टी ने भी अपने संभावित उम्मीदवारों की तलाश तेज कर दी है. पिछले चुनावों के रुझान को देखें तो संभावना है कि भाजपा दो सीटों पर विदर्भ से अपने नेताओं को मौका दे सकती है. बताया जा रहा है कि इस बार भाजपा नए चेहरों को सदन में भेजने पर भी विचार कर रही है. हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के अनुभव को देखते हुए पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं को भी विधान परिषद में भेज सकती है.
नागपुर सहित विदर्भ से जिन नेताओं के नाम सबसे आगे चल रहे हैं, उनमें पूर्व महापौर और मौजूदा शहर भाजपा अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, राजीव पोद्दार और सुधाकर कोहले जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं. तिवारी भाजपा के वरिष्ठ नेता होने के साथ ही पूर्व महापौर भी रह चुके हैं. हाल ही में भाजपा ने नागपुर में उनकी अगुवाई में मनपा चुनाव लड़ा और 1०2 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की. भाजपा को मिली इस जीत के बाद तिवारी के विधान परिषद जाने की चर्चा तेज हो गई है. इसी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव पोद्दार भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे हैं. पोद्दार संगठन के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं. हाल ही में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में उनकी अगुवाई में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है. इसे देखते हुए पार्टी उन्हें भी विधान परिषद भेजने पर विचार कर सकती है.
भाजपा किसे उम्मीदवार बनाएगी, इसे लेकर लगाए जा रहे कयास अब तक केवल कयास ही साबित होते रहे हैं. हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने नागपुर की पूर्व महापौर माया इवनाते को उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया था. किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि भाजपा इस तरह के किसी नाम पर दांव लगाएगी. इसी को देखते हुए अब विधान परिषद चुनाव को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. सवाल यह है कि क्या भाजपा उन्हीं नामों को मौका देगी जिनकी चर्चा चल रही है, या फिर एक बार फिर किसी अप्रत्याशित चेहरे की घोषणा करेगी. अब देखना होगा कि भाजपा आखिर किसे अपना उम्मीदवार बनाती है.




