– भाजपा–अजीत पवार जुबानी जंग : नगर निगम चुनावों से पहले गठबंधन की एकता पर सवाल
नागपुर :- कुछ दिन पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पिंपरी चिचवड़ नगर निगम में सत्ताधारी भाजपा पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि भाजपा के स्थानीय नेताओं में भ्रष्टाचार की अतृप्तता है. फिलहाल, लुटेरों का एक गिरोह बन गया है. दिनदहाड़े लूटपाट हो रही है. इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने जवाब दिया था, ‘अपनी जेबें देख लो, अगर बोलोगे तो मुसीबत में पड़ जाओगे.’ भाजपा नेता और मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भी अजीत पवार से कहा था, ‘इसे हल्के में मत लो, सलाह देने वालों को सोच-समझकर काम करना चाहिए.’ इससे पता चलता है कि महायुति अच्छी स्थिति में है. वहीं भाजपा नेता और मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि हम और हमारी पार्टी सावरकर के विचारों का अनुसरण कर रहे हैं. इसलिए, यह कहा गया कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पार्टी को भी सावरकर के विचारों को स्वीकार करना होगा. इससे महायुति में दरार पैदा हो गई है. अब, चूंकि राज्य भर में दिखाई देने वाले महायुति के एक विज्ञापन में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तस्वीर नहीं है, इसलिए राज्य भर के कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि क्या अजीत पवार महायुति में हैं या बाहर हैं.
फिलहाल, नगर निगम चुनावों के लिए प्रचार पूरे जोर-शोर से चल रहा है. प्रचार पारंपरिक तरीके से जारी है, वहीं महायुति का एक विज्ञापन विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर दिखाई दे रहा है. राज्य का हर कार्यकर्ता इस विज्ञापन को देख रहा है. ‘विकास की रफ्तार दिख रही है, इसलिए भाजपा-महायुति पर भरोसा करें’ टैगलाइन वाला यह विज्ञापन आजकल टीवी पर खूब चर्चा बटोर रहा है. मुंबई में हो रहे घटनाक्रमों की जानकारी देने वाले इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई गई हैं. साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के नेताओं की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं. हालांकि, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तस्वीर न होने से कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं. पिछले एक सप्ताह में महागठबंधन के अजीत पवार और भाजपा नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग ने कई लोगों के मन में असमंजस पैदा कर दिया है. कुछ लोगों का मानना है कि चूंकि भाजपा-शिवसेना गठबंधन कुछ नगर निगम चुनावों में एक साथ चुनाव लड़ रहा है, इसलिए इस विज्ञापन में दोनों दलों के नेताओं की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं.
सत्ता में साथ, चुनाव में आमने-सामने
अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अन्य स्थानों पर महायुति के खिलाफ चुनाव लड़ रही है, इसलिए अजीत पवार के कार्यकर्ता यह कहकर समय बिता रहे हैं कि अजीत पवार की कोई तस्वीर नहीं है. दरअसल, उन्हें जवाब देना होगा. इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. मुंबई, ठाणे, कल्याण डोंबावली, नागपुर और कुछ अन्य शहरों में भाजपा और शिवसेना एक साथ चुनाव लड़ रही हैं. वहीं अजीत पवार अकेले चुनाव लड़ रहे हैं. वे एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं. यह नगर निगम चुनाव अनोखा होता जा रहा है क्योंकि राज्य में सत्ता में एक साथ मौजूद दल नगर निगम में सत्ता हासिल करने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.








