– चार महीने से नहीं मिला फंड
पुणे :- राज्य के स्कूलों में चल रही मध्याह्न भोजन और पोषण योजना आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है।
पिछले चार महीनों से सरकार की ओर से कोई धनराशि जारी नहीं की गई, जिसके कारण स्कूलों को बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जून में नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के बाद से ही स्कूलों को पोषण योजना के लिए एक भी रुपया नहीं मिला है। इस कारण कई स्थानों पर शिक्षकों को अपने निजी पैसों से भोजन सामग्री खरीदनी पड़ रही है ताकि छात्रों की पढ़ाई पर असर न पड़े। कुछ ग्रामीण इलाकों में स्कूलों ने अभिभावकों की मदद से भोजन की व्यवस्था जारी रखी है।
शिक्षा विभाग ने माना है कि बजटीय प्रक्रिया में देरी हुई है, लेकिन अब वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद चार दिनों के भीतर चार महीने की राशि एकमुश्त जारी करने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह धन सीधे स्कूल समितियों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
इस योजना का मकसद स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और गरीब छात्रों को संतुलित आहार देना था।
लेकिन धन की कमी के कारण कई जगह भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। शिक्षक संघों ने सरकार से अपील की है कि भविष्य में इस तरह की देरी न हो, क्योंकि इससे कुपोषण और स्कूल ड्रॉपआउट दर बढ़ने का खतरा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि फंड रिलीज़ में देरी बजट पुनर्संयोजन और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया के चलते हुई। हालाँकि, अब सभी लंबित प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।








