◼️छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर
सचिन चौरसिया, रामटेक :- एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, नागपुर और वर्धा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘मेरा स्कूल, मेरा स्वाभिमान’ कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु अधीक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए दो दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन बेलदा स्थित सरकारी आश्रम विद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। नागपुर और वर्धा परियोजनाओं के १७ अधीक्षकों और प्रधानाचार्यों में से १५ ने इस प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाओं की पूजा से हुआ। संभागीय समन्वयक साईनाथ सलाम ने शैक्षणिक वर्ष २०२६- २७ के लिए ‘मेरा स्कूल, मेरा स्वाभिमान’ कार्यक्रम के उद्देश्यों, प्रक्रियाओं और विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, प्रसन्नता और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। बेलदा स्थित आश्रम विद्यालय के प्रधानाचार्य सतीश बी. छपाने ने पिछले शैक्षणिक वर्ष में कार्यान्वित विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर नीता मनोज वांडे ने अधीक्षक की भूमिका और उत्तरदायित्व, आत्म-देखभाल और तनाव प्रबंधन, बाल मनोविज्ञान और बाल सुरक्षा, प्रोटोकॉल, हैप्पीनेस क्लब, आनंददायक अधिगम, रचनात्मकता, गैलरी वॉक, क्रिया-आधारित गतिविधियाँ और कार्य योजना पर मार्गदर्शन प्रदान किया। शिक्षा मित्र वीणा उके ने विभिन्न गतिविधियों की लाइव प्रस्तुति में सहयोग दिया। प्रशिक्षुओं ने भूमिका-निर्वाह, प्रदर्शन और क्रिया-आधारित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके परिणामस्वरूप, प्रशिक्षुओं को विद्यालय स्तर पर विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से कार्यान्वित करने का अनुभव प्राप्त हुआ। परियोजना अधिकारियों का मार्गदर्शन: कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, नागपुर स्थित एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी उमेश काशिद और सहायक परियोजना अधिकारी मयूरी शिंदे को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हो रहा है।








