नागपुर :- नागपुर का एक व्यक्ति विदेश की जेल में फंसा है. जमानत मिलने के बाद भी उसकी रिहाई नही हुई है. इसलिए इस मामले में अब मुख्यमंत्री ध्यान दें ऐसी मांग होने लगी है. नागपुर के एक अभियंता की पत्नी अपने पति की रिाहाई के लिए प्रयास कर रही है.
किसी भी प्रयास को सफलता न मिलने से अंत में उसने सरकार की मदद लेने का निर्णय लिया. इस महिला का पति विगत वर्ष फरवी से अफ्रिकी देश माली की जेल में है. उत्तर प्रदेश की एक कंपनी से संबंधित आर्थिक विवाद के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था.
जेल में बंद अभियंता नितिन गुल्हाने ने ए कसमाचार एजंसी से बोलते हुए बताया कि, माली की कोर्ट ने गत वर्ष अगस्त महिने में ही उसके पति को जमानत मंजूर की थी. परंतु, संबंधित कंपनी ने आश्वासन देकर भी 3.25 करोड़ रू. की जुमाने की राशि भरी नही है. इसलिए नितिन आज भी वहां की जेल में बंद है. पत्नी प्रियंका ने अब राज्य के मुख्यमंत्री देवेदं फडणवीस को पत्र लिखकर अपने पति की तुरंत रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की विनंती की है.
उन्होंने दी जानकारी के अनुसार उनका पति नोएडा स्थित आर एस इक्झिम प्रा. लि. कंपनी में उपमहाप्रबंधक पद पर कार्यरत थे. कंपनी ने उनके पति को एक ग्रामीण विद्युतीकरण प्रकल्प के अमल ओर पर्यवेक्षण के लिए माली में नियुक्त किया था. यह प्रकल्प एक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धातमक टेंडर द्वारा मिला था. माली के कोर्ट ने 15 अगस्त 2०25 को 2० करोड़ सीएफए फ्रैंक (करीब 3.25 करोड़ रू.) इतनी रकम पर रिहाई का आदेश दिया था. परंतु, 5 महीने बितने के बाद भी संबंधित कंपनी ने जमानत की राशि जमा करने क लिए कोई भी कदम नही उठाया. महिला ने पत्र में कहा है कि, 11 सिंतबर को विदेश मंत्रालय के विशेष कार्य अधिकारी संजीव कुमार की उपस्थिति में कंपनी के एमडी के साथ बैठक भी हुई थी. फिर भी यह ममाला लंबित है. अब तक कोई भी सकारात्मक परिणाम सामने नही आया है. प्रियंका गुल्हाने ने एजंसी को बताया कि, इतनी बड़ी राशि उसे इकठ्ठा करना संभव नही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले में ध्यान देकर मदद करने की विनंती की है.




