– 500 लोगो का मोर्चा के साथ डी.आर.एम कार्यालय पहुँचे वसीम ख़ान और डोबी झोपड़पट्टी बचाओ संस्था के पद अधिकारी
नागपुर :- इतवारी से मोतीबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित चर्चित “डोबी बस्ती” के लगभग 300 मकानों को हटाने के लिए रेलवे द्वारा जारी किए गए नोटिस पर विवाद खड़ा हो गया है। ‘डोबी झोपड़पट्टी बचाओ संस्था’ और नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष वसीम खान ने इसे “गैरकानूनी विस्थापन” बताते हुए रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विधायक विकास ठाकरे को सौंपा ज्ञापन
डोबी झोपड़पट्टी बचाओ संस्था ने वसीम खान के नेतृत्व में इस मामले में पश्चिम नागपुर विधायक विकास ठाकरे को एक लिखित निवेदन सौंपा है।निवेदन में आरोप लगाया गया है कि 50 से 60 साल पुरानी और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज इस बस्ती को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए, बिना सर्वे किए और बिना पुनर्वास या मुआवज़ा दिए जबरन खाली कराया जा रहा है। संस्था का कहना है कि 29/10/2025 को फिर से नोटिस दिए गए हैं, जिनमें 03/11/2025 तक जगह खाली करने का निर्देश है, लेकिन नोटिस में न तो घर का नंबर है और न ही ज़मीन के क्षेत्रफल का उल्लेख और तहसील पोलीस द्वारा झोपडपट्टी वालो पे दबाव बनाया जरा है भी बाताया

आमदार विकास भाऊ ठाकरे के नेतृत्व में डोबी झोपड़पट्टी बचाओ संस्था व वसीम ख़ान 500 लोगो को के लेकर DRM कार्यालय पहुँचे और मुलाक़ात कि ,
DRM ने बड़े अधिकारियों से बात करने को कहा
इस मुद्दे पर, रेलवे के DRM (मंडल रेल प्रबंधक) ने कहा है कि, “मैं और बड़े अधिकारियों से बात कर रहा हूँ। आप लोग भी अपने बड़े लोगों से बात करें।”
MLA ठाकरे का सख्त रुख: ‘पुनर्वास के बिना विस्थापन नहीं’
विधायक विकास ठाकरे ने बस्ती के 80 साल से रह रहे निवासियों का पक्ष लेते हुए DRM और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं: “जब तक इन लोगों को कोई जगह (वैकल्पिक आवास) नहीं मिलती, तब तक इन्हें यहाँ से उठाया न जाए। पहले इनके लिए कहीं घर का इंतज़ाम करो।” राज्य के सी.एम और केंद्र मंत्री नितिन गड़करी से बात करके रास्ता निकालने कि बात भी विकास ठाकरे ने कि..

विधायक ने मांग की है कि गरीब जनता को न्याय दिया जाए और 03/11/2025 को ज़मीन खाली करने के निर्देश को तत्काल रोका जाए। अंत मे विकास ठाकरे ने वासिम खान व अन्य साथियो को डी.सी.पी राहुल मदने से मुलाकत करने का आदेश दिया !!
वसीम ख़ान में कहा कि नोटिस जो मर चुके है उनके नाम से आए है इससे पता चलता है कि ३० साल पुराने सर्वे के हिसाब से नोटिस बाटे गए है !! जब तक दूसरी जगह का बंदोबस्त नहीं होता हम नहीं हटेंगे ..इस मौक़े पर स्थानीय समाज सेवक,फ़हीम अंसारी,इरफ़ान,अब्दुल मॉइज़ सेख,असलम ,जावेद अख़्तर,सारूख,सोनू,भूरु,500 नागरिक व कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे




