महिला आरक्षण से बदला नागपुर का सियासी गणित, कई दिग्गजों का महापौर सपना टूटा

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– महापौर पद महिला के नाम, भाजपा के बड़े पुरुष नेता हुए दौड़ से बाहर

– आरक्षण की घोषणा होते ही राजनीति गरमाई, महापौर कुर्सी पर नया मोड़

नागपुर :- मनपा के महापौर पद के लिए गुयवार को आरक्षण की घोषणा कर दी गई है और नागपुर का महापौर पद महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है. इस आरक्षण केचलते कई दिग्गज पुरुष नेताओं का महापौर बनने का सपना टूट गया है. भाजपा के वरिष्ठ पार्षद बाल्या बोरकर, बंटी कुकड़े, पिंटू झलके, वीरेंद्र कुकरेजा जैसे प्रमुख भाजपा नेताओं ने महापौर पद के लिए अपनी इच्छा व्यक्त की थी और तैयारी भी शुरू की थी. लेकिन अब वे अपात्र हो गए हैं. मनपा में पिछले पंद्रह वर्षों के आरक्षण को देखते हुए, 2००7 में महापौर पद के लिए अनुसूचित जनजाति सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण किया गया था. उस समय भाजपा के देवराव उमरेडकर महापौर बने थे. हालांकि, जाति सत्यापन समिति ने जाति प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें और आठ अन्य पार्षदों को अयोग्य घोषित कर दिया था. इसलिए, भाजपा ने उनके स्थान पर माया इवनाते को महापौर नियुक्त किया. उसके बाद ढाई साल तक महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण लागू रहा. इसलिए, अर्चना डेहनकर 24 दिसंबर, 2००1 से 4 मार्च, 2०12 तक महापौर रहीं.

2०12 में मनपा चुनाव हुए थे इसमें फिर से भाजपा ने जीत हासिल की और वह सत्ता में आई. तब महापौर पद का आरक्षण खुले संवर्ग के लिए निकला था.

भाजपा ने अनिल सोले को महापौर बनाया. वे 5 मार्च 2०12 से 5 सितंबर 2०14 तक महापौर रहे। अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के लिए आरक्षण निकला और प्रवीण दटके 5 सितंबर, 2०14 से 4 मार्च, 2०17 तक महापौर रहे.

2०17 में हुए चुनावों के बाद, महापौर का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया था, इसलिए भाजपा ने नंदा जिचकार को मौका दिया. वह 5 मार्च 2०17 से 22 नवंबर 2०19 तक महापौर रहीं. अगले ढाई वर्षों तक, यानी नवंबर 2०19 से मार्च 2०22 तक, सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण था. इस दौरान संदीप जोशी और दयाशंकर तिवारी सवा-सवा वर्ष के लिए महापौर बने.

वर्ष 2००7 से महापौर पद के लिए आरक्षण

अनुसूचित जनजातियां, मार्च 2००7 से दिसंबर 2००9 तक, 2००9 से मार्च 2०12 तक सामान्य महिलाएं, मार्च 2०12 से सितंबर 2०14 तक सामान्य, सितंबर 2०14 से मार्च 2०17 तक ओबीसी जनरल, वर्ष 2०17 से 2०19 तक महिलाओं का सामान्य, नवंबर 2०19 से मार्च 20०2 तक सामान्य, जनवरी 2०26 से अगले ढाई वर्षों के लिए सामान्य महिलाएं.