– 500 विदेशी नागरिक भी शामिल, भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
काठमांडू :- नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में बड़ी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा होने के कारण लापता लोगों की तलाश में मुश्किलें आ रही हैं। अब तक 1,127 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,858 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 500 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से नौ शव भारत में बरामद किये गये हैं।
नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर काम कर रहे कई चीनी नागरिक भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। प्रभावित परिवार अपने परिजनों की स्थिति की स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

एक युवती ने खोए परिवार के 17 सदस्य :
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक नेपाली युवती ने इस आपदा में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खोने की जानकारी दी है। वहीं, बाढ़ प्रभावित बिदुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के बीच दोबारा बाढ़ आने का डर बना हुआ है।
चितवन में मिले सबसे अधिक शव:
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जारी खोज अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक सबसे अधिक 348 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अलावा नदियों के निचले हिस्सों में भी सुरक्षा बल और राहतकर्मी लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
नेपाल में जारी राहत एवं बचाव अभियान में मदद के लिए भारत ने पांचवीं सहायता उड़ान रवाना की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। इस उड़ान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल, अत्याधुनिक बचाव उपकरण तथा 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं। इससे पहले भारत चार राहत उड़ानों के माध्यम से नेपाल को करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।
मलबे में अपनों की तलाश:
नेपाल के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब भी राहत और खोज अभियान चल रहा है। लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों के मिलने की उम्मीद में राहत दलों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों के सामने मलबा हटाकर अधिक से अधिक लोगों का पता लगाने की बड़ी चुनौती है।





