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नेता सिर्फ़ वोट माँगने आते हैं — मेलघाट में गडकरी का तीखा बयान

अमरावती :- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार अपनी ही पार्टी के नेताओं की आलोचना भी की है। सोमवार को मेलघाट के कोठा में बोलते हुए उन्होंने नेताओं के व्यवहार पर कटाक्ष किया।

नितिन गडकरी ने कहा, समाज में वंचितों के लिए काम करना मुश्किल है। उनकी सेवा करना एक व्रत है। जो लोग भौतिक सुखों का त्याग करते हैं और सामाजिक जागरूकता के साथ पीड़ितों और पीड़ितों की सेवा करते हैं, उन्हें संत माना जाना चाहिए। मेलघाट में आदिवासियों की निरंतर सेवा करने वाले डॉ. रवींद्र कोल्हे, डॉ. स्मिता कोल्हे, निरुपमा देशपांडे, डॉ. सातव ही असली संत हैं। वरना नेता सिर्फ़ वोट मांगने आते हैं। वे ढेर सारे वादे करके चले जाते हैं। मैं भी वोट मांगता हूँ। लेकिन, इस क्षेत्र के नागरिकों ने हमें सड़क की दुर्दशा के बारे में बताया है। मैं इस मामले को देखूँगा। हम बुरहानपुर से अमरावती तक की सड़क को फोर-लेन बनाने का ज़रूर प्रयास करेंगे।

गडकरी ने कहा, “मेलघाट की सड़कों की समस्या से हम पूरी तरह वाकिफ हैं। सड़कों के विकास के बिना इस क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। एशियन बैंक देश में राजमार्ग निर्माण का काम कर रहा है। इसलिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जानकारी ली जाएगी कि यह सड़क निर्माण कैसे होगा। आदिवासियों में हुनर है और उन्हें प्रशिक्षण देना ज़रूरी है। संपूर्ण बांस केंद्र के माध्यम से सुंदर बांस के उत्पाद बनाए जा रहे हैं और ये उत्पाद दुनिया भर के 60 देशों तक पहुँच चुके हैं। इसलिए ऐसे उत्पाद बनाने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए जिनकी ओर उपभोक्ता खुद चलकर आए।” आज विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक ने प्रगति की है। इसका उपयोग करना भी ज़रूरी है। कोशा साड़ियों की दुनिया भर में माँग है और इसके लिए पाँच करोड़ रुपये की एक परियोजना स्थापित की जाएगी। परियोजना के लिए आवश्यक दो करोड़ रुपये स्व-वित्तपोषित संस्था को दान किए जाएँगे। इस अवसर पर कंचन गडकरी, संपूर्ण बांस केंद्र अध्यक्ष डॉ. निरुपमा देशपांडे, योगेश बापट, डॉ. रवींद्र कोल्हे, डॉ. स्मिता कोल्हे और अन्य उपस्थित थे।

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