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19 साल पुराने रिश्वत केस में अधिकारी को जेल

ठाणे :- एक विशेष CBI अदालत ने एक पूर्व आयकर अधिकारी को 19 साल पुराने एक मामले में छह महीने की कारावास की सज़ा सुनाई है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी के मुताबिक यह मामला एक व्यक्ति से टैक्स सुरक्षा मूल्यांकन को अंतिम रूप देने के लिए 20000 रुपये की रिश्वत लेने से जुड़ा है.

विशेष न्यायाधीश (CBI) डी.एस. देशमुख ने 27 मार्च को दिए अपने आदेश में 18 साल से ज़्यादा समय तक चले मुकदमे के बाद आरोपी दीनानाथ कृष्ण पुथरन (77) पर 4000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. इस मामले में आरोपी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक टैक्स असिस्टेंट को सीधे सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया.

यह मामला 2007 का है, जब पुथरन नवी मुंबई के वाशी में आयकर अधिकारी के पद पर तैनात थे. लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समराज नाइकर ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि पुथरन उन्हें परेशान कर रहे थे. साथ ही उनकी कंपनी व उनकी पत्नी की टैक्स फाइलों की जांच को अंतिम रूप देने के लिए 40000 रुपये की मांग कर रहे थे. 3 जनवरी, 2007 को CBI की एक टीम ने पुथरन को तब रंगे हाथों पकड़ लिया, जब उन्होंने बातचीत के बाद तय हुई 20000 रुपये की रकम स्वीकार की. जांच एजेंसी ने CA जयंत दत्तात्रेय अध्यापक पर कथित रूप से उकसाने का आरोप लगाया. साथ ही तत्कालीन टैक्स असिस्टेंट प्रकाश गुनाजी नेवरेकर पर कथित रूप से अतिरिक्त 1000 रुपये स्वीकार करने का भी आरोप लगाया.

अदालत के आदेश के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पुथरन ने शुरू में 50000 रुपये की रिश्वत मांगी थी. लेकिन बाद में बातचीत के ज़रिए यह रकम 40000 रुपये तय हुई थी. न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है. इन आरोपों में एक लोक सेवक के रूप में अपनी पद की गरिमा का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से 20000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग करना और उसे स्वीकार करना शामिल है.

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