– जैश और हिजबुल ने पीओके छोड़ खैबर पख्तूनख्वा में ढूंढा नया ठिकाना
मुंबई :- अप्रैल में पहलगाम में हुए एक क्रूर आतंकवादी हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे। इसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसके तहत पीओके और पाकिस्तान में कई आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था, इस हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों ने डर के मारे कमर कस ली है और इसी संदर्भ में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पाकिस्तानी आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन ने अपने ठिकाने और ठिकाने बदल लिए हैं। रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये संगठन अब पीओके से खैबर पख्तूनख्वा में अपने ठिकाने स्थानांतरित कर रहे हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियां इस प्रयास में उनकी मदद कर रही हैं। रक्षा सूत्रों का कहना है कि आतंकवादी संगठनों द्वारा लिए गए इस फैसले से पता चलता है कि भारतीय सेना के हमलों के बाद पीओके अब सुरक्षित जगह नहीं रहा एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियाँ इस कोशिश में आतंकी संगठनों की मदद कर रही हैं। जैश-ए-मोहम्मद ने हाल ही में कई रैलियाँ आयोजित की थीं। इन सभी रैलियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त था। इसके अलावा, सूत्रों ने बताया कि जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) जैसे राजनीतिक-धार्मिक संगठनों ने भी इन रैलियों में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाई। प्राप्त जानकारी भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए एक दस्तावेज़ का हिस्सा मानी जा रही है।
भारतीय सेना ने कई जगहों को किया था तबाह
ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय सेना ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और कई अन्य जगहों सहित कई आतंकवादी संगठनों और शिविरों को नष्ट कर दिया। हाल ही में, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्वीकार किया कि 7 मई को भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में बड़ी संख्या में आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि इस हमले में संगठन के प्रमुख अजहर का परिवार भी तबाह हो गया। सेना कमांडर ने विश्वास व्यक्त किया था कि संगठन अब फिर से संगठित होगा और इसे और भी बड़ा बनाएगा।




