spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

धान खरीदी ठप, भुगतान भी लंबित

– शहर के 83 हजार किसान संकट में

भंडारा :- खरीफ मौसम के अंतर्गत शासकीय समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि भले ही 31 मार्च तक निर्धारित की गई हो, लेकिन भंडारा जिले में बीते पंद्रह दिनों से अधिकांश धान खरीदी केंद्रों पर खरीदी पूरी तरह ठप पड़ी है। इसका प्रमुख कारण शासन द्वारा नई खरीदी लिमिट जारी नहीं किया जाना है। अब तक दी गई लिमिट के अनुसार निर्धारित मात्रा का धान पहले ही खरीदा जा चुका है, जिससे आगे खरीदी होगी या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। नई लिमिट नहीं मिलने के कारण जिला मार्केटिंग फेडरेशन के कई खरीदी केंद्र बंद पड़े हैं। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। जिन किसानों का धान अब तक नहीं बिका है, उनका धान घरों में पड़ा खराब हो रहा है। तेज गर्मी के कारण धान सूखने वजन घटने की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे किसानों को आर्थिक से नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसी बीच 31 जनवरी को धान पंजीकरण की अवधि भी समाप्त हो चुकी है और इसके आगे बढ़ने की संभावना कम बताई जा रही है। जिले में अब तक 83 हजार से अधिक किसानों से लगभग 750 करोड़ रुपये मूल्य का धान खरीदा जा चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार माह बीत जाने के बावजूद एक भी किसान को अब तक भुगतान नहीं मिला है। किसानों के खातों में एक रुपया भी जमा नहीं हुआ है।

इसके अलावा इस वर्ष धान पर मिलने वाले बोनस को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लाखों किसान बोनस के पात्र बताए जा रहे हैं, लेकिन जब मूल भुगतान के लिए ही शासन के पास निधि उपलब्ध नहीं है, तब बोनस की घोषणा और वितरण को लेकर भी किसानों में निराशा बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार शासन ने अब तक तीन बार जिला मार्केटिंग फेडरेशन का धान खरीदी लक्ष्य बढ़ाया है, लेकिन बीते चार महीनों में भुगतान के लिए एक बार भी निधि जारी नहीं की गई। पिछले आठ से दस वर्षों में यह पहली बार है जब धान खरीदी का भुगतान इतनी लंबी अवधि तक अटका हुआ है। इसका सीधा असर अब रबी फसल की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। धान बेच चुके 83 हजार से अधिक किसान भुगतान न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। रबी सीजन के लिए मजदूरी, वीज और खाद की आवश्यकता है. लेकिन नकदी के अभाव में किसानों को उधार लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि शासन जानबूझकर भुगतान में देरी कर रहा है और समय टालने की नीति अपना रहा है। यदि शीघ्र ही नई खरीदी लिमिट जारी कर भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई. तो आने वाले दिनों में किसानों का आक्रोश और अधिक तेज होने की आशंका जताई जा रही है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.