– सीएम का 4150 करोड़ का मास्टर प्लान, 30 महीने में बदलेगी सूरत
मुंबई :- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वारकरी समुदाय के पवित्र तीर्थ स्थल पंढरपुर के व्यापक विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. पंढरपुर तीर्थ विकास योजना की शिखर बैठक में सोमवार को 4150.46 करोड़ रुपए की एक व्यापक योजना को मंजूरी दी गई. पंढरपुर राज्य में सभी धमों के लिए पूजा की जगह है. इसलिए, इस जगह पर भविष्य के विकास के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए. मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रशासन को निर्देश दिया कि इस तीर्थ स्थल पर होने वाले डेवलपमेंट (विकास) का काम अगले 30 महीनों में पूरा किया जाना चाहिए. पंढरपुर तीर्थ विकास योजना की शिखर की बैठक मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित की गई. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, गणेश नाइक, सोलापुर जिले के पालक मंत्री जयकुमार गोरे समेत वरिष्ठ आधिकारी मौजूद रहे.
पंढरपुर में आने वाले वारकरियों और भक्तों को साफ-सुथरा, भीड़-भाड़ से मुक्त, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक अनुभव हो, क्वालिटी, स्थायी और बुनियादी सुविधाएं सुलभ बनाना जरूरी है. इसके लिए प्रभावित आवासीय और वाणिज्यिक प्रॉपर्टी मालिकों के साथ-साथ किराएदारों को मुआवजा दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जमीन अधिग्रहण के लिए जरूरी फंड तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे और फंड की कमी के कारण कोई भी काम अधूरा नहीं रहेंगा. फडणवीस ने कहा कि पंढरपुर सिर्फ एक धार्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक शान भी है. हर साल आषाढी-कार्तिकी वारी के दौरान यहां आने वाले भक्तों की संख्या को देखते हुए यह प्लान अगले 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके पीछे मुख्य मकसद भक्तों को साफ, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव देना है.