– नागपुर में जलसंकट की आशंका, मनपा की सख्ती
नागपुर :- कम बारिश के कारण शहर में जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए नागपुर महानगरपालिका ने पीने के पानी के दुरुपयोग पर सख्ती करने की तैयारी की है। इसके तहत पीने के पानी से कार धोने, सड़कें साफ करने, बगीचों में पानी डालने और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर प्रत्येक उल्लंघन के लिए 5,000 रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।हालांकि, इसे लागू करने के संबंध में अंतिम निर्णय की पुष्टि होना बाकी है।
महापौर नीता ठाकरे की अध्यक्षता में सोमवार को मनपा के जलापूर्ति विभाग और ऑरेंज सिटी वॉटर (ओसीढब्लू) के अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण नागपुर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों में फिलहाल केवल 58 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है। ऐसे में आने वाले महीनों में पानी की किल्लत से बचने के लिए अभी से आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।
अवैध कनेक्शन और मीटर से छेड़छाड़ पर भी कार्रवाई
महानगरपालिका ने पीने के पानी के दुरुपयोग पर नियंत्रण के साथ ही अवैध जल कनेक्शनों और पानी के मीटर से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई है। गैर-पीने योग्य कार्यों के लिए उपचारित अपशिष्ट जल और सार्वजनिक कुओं के पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पीने के पानी की बचत करने में मदद मिलेगी।
पाइपलाइन लीकेज तुरंत सुधारने के निर्देश:
महापौर ठाकरे ने अधिकारियों को जलापूर्ति पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और पीने के पानी को अनावश्यक कार्यों में बर्बाद नहीं करने की अपील की। महानगरपालिका का उद्देश्य जलसंकट की संभावित स्थिति से निपटने के लिए पानी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।








