नागपुर :- राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता जहाँ 400 के पार पहुँच गई है, वहीं प्रदूषण का संकट अब देश भर के अन्य शहरों में भी फैल रहा है। दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजधानी नागपुर में भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुँच गई है। दिवाली के दिन शहर की वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई। 21 अक्टूबर की रात शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 204 के स्तर को पार कर गया। दिवाली के दिन राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता 350 से ज़्यादा थी। नागपुर शहर भी दिल्ली के नक्शेकदम पर चल रहा है। 21 अक्टूबर को दिवाली के दिन नागपुर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 204 दर्ज किया गया। सिविल लाइंस शहर का सबसे हरा-भरा इलाका माना जाता है। सबसे साफ़-सुथरे इलाकों में से एक माने जाने वाले सिविल लाइंस में भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुँच गई। पिछले साल भी दिवाली के दौरान नागपुर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक इसी स्तर पर दर्ज किया गया था। सिविल लाइंस के साथ वाड़ी, बाबुलखेड़ा, रामनगर और महल कॉम्प्लेक्स में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। प्रदूषण के इस स्तर ने नागपुरवासियों में चिंता पैदा कर दी है। सोमवार को कई लोगों ने लक्ष्मी पूजन किया, लेकिन उस दिन बड़ी संख्या में पटाखे नहीं फोड़े गए। मंगलवार को भी नागरिकों ने लक्ष्मी पूजन किया और उस दिन शहर में बड़ी संख्या में पटाखे फोड़े गए। रात 11 बजे तक कानफोड़ू पटाखे फोड़े गए। घरों के दरवाजे बंद करने के बाद भी पटाखों की आवाज कम नहीं थी। साथ ही इन पटाखों ने आसमान में धुएं के बादल भी पैदा कर दिए थे। इसलिए इस संकट से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।








