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भोकर बैंक डकैती का मास्टरमाइंड निकला बर्खास्त पुलिस उपनिरीक्षक!

– 35 करोड़ का सोना और 15 लाख नकद लूटे, 2 घंटे में 4 आरोपी गिरफ्तार

जलगांव :- जिले के भोकर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में शनिवार दोपहर हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस वारदात का मास्टरमाइंड बर्खास्त पुलिस उपनिरीक्षक शंकर जासक निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज दो घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया माल बरामद कर लिया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2.30 बजे दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश हेलमेट पहनकर बैंक में दाखिल हुए। आरोपियों ने कैशियर और शाखा प्रबंधक जयेश राणे को एयरगन का डर दिखाकर लॉकर रूम में जाने के लिए मजबूर किया। विरोध करने पर आरोपियों ने हवा में दो राउंड फायर किए, जिससे बैंक कर्मचारियों में दहशत फैल गई। इसके बाद आरोपियों ने बैंक के 16 लॉकरों से करीब 35 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 15 लाख रुपये नकद लूट लिए। लूट का सामान छह बैगों में भरकर वे मोटरसाइकिल से फरार हो गए।

पुलिस की नाकाबंदी, दो घंटे में गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के रास्तों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों के पुलिस पाटिलों की भी मदद ली गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चारों संदिग्धों को दो घंटे के भीतर पकड़ लिया। उनके पास से लूटा गया माल भी बरामद किए जाने की जानकारी है।

जेल में रची गई थी डकैती की साजिश

जांच में सामने आया कि इस डकैती की योजना जेल में बनाई गई थी। आरोपी गजानन पवार वर्ष 2024 से चालीसगांव क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बर्खास्त पुलिस उपनिरीक्षक शंकर जासक से हुई। जासक वर्ष 2023 में जलगांव शहर के कालिंका माता मंदिर परिसर स्थित स्टेट बैंक में हुई डकैती के मामले में जेल में था।

जेल में दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और भोकर बैंक को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई। बाद में पैरोल और जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने अन्य साथियों को शामिल कर वारदात को अंजाम दिया।

फेरीवाले बनकर की थी रेकी

आरोपियों ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की गतिविधियों और कामकाज के समय की जानकारी जुटाने के लिए पहले रेकी की थी। बताया जाता है कि वे चादर बेचने वाले फेरीवालों के रूप में बैंक परिसर में घूमे और जरूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद पूरी योजना के तहत डकैती को अंजाम दिया।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में बर्खास्त पुलिस उपनिरीक्षक शंकर रमेश जासक (खेडी, जलगांव), अंकुश श्रावण चव्हाण (रामदेववाड़ी, जलगांव), गजानन राजेंद्र पवार (न्यायडोंगरी, नाशिक) और अंकुश तुलशीराम चव्हाण (खापरखेड़ा) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि डकैती की साजिश में इनके अलावा और कौन शामिल था तथा आरोपियों ने जेल में रहते हुए बाहरी लोगों से किस तरह संपर्क बनाए रखा।

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