– राष्ट्रव्यापी प्रशंसा के बीच
श्रीनगर :- भारत की सबसे कठिन सुरक्षा चुनौतियों पर अद्वितीय वीरता, अटूट समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के सम्मान में, श्रीनगर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सेवारत प्रशांत जाम्भोलकर को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया है। यह सर्वोच्च सम्मान उनके जीवन भर के बलिदानों और राष्ट्र की रक्षा में साहसिक नेतृत्व को चिह्नित करता है।
वीरता और सम्मानों की विरासत जाम्भोलकर का शानदार करियर जम्मू एवं कश्मीर, उत्तर पूर्व, छत्तीसगढ़ आदि में महत्वपूर्ण अभियानों से भरा पड़ा है। एलीट नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) -प्रसिद्ध ब्लैक कैट कमांडो – के एक प्रमुख सदस्य के रूप में, वे रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), कोबरा बटालियन और कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन में चमके हैं। उनकी वीरता ने उन्हें पुलिस पदक (उत्कृष्ट सेवा), कठिन सेवा पदक, अंटार्कटिक सुरक्षा पदक, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पदक सहित अनेक सम्मान अर्जित कराए हैं, जो इस शिखर राष्ट्रपति पुरस्कार पर मुहर लगाते हैं। सीआरपीएफ में अपनी फ्रंटलाइन साहस, अखंडता और नवीन रणनीतियों के लिए “स्पेशल ऑफिसर” के नाम से विख्यात जाम्भोलकर अपने सभी सहयोगियों को प्रेरित करते हैं। बधाइयों और स्वागत की भारी बौछार इस घोषणा ने सीआरपीएफ भाईचारे, सुरक्षा बलों, पूर्व सैनिकों और पूरे भारत के नागरिकों से हार्दिक बधाइयों का सैलाब ला दिया है। सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों पर “हमारे राष्ट्रीय नायक को हार्दिक बधाई!” और “हर भारतीय के लिए गौरव का क्षण -वीरों के पंथ में स्वागत!” जैसे संदेश उमड़ पड़े हैं। यह उत्साह राष्ट्र की उनकी अजेय भावना के प्रति कृतज्ञता को दर्शाता है। सीआरपीएफ परिवार जाम्भोलकर उप महानिरीक्षक को गर्व से बधाई देता है, निश्चिंत कि उनकी उत्कृष्ट सेवा राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करती रहेगी।




