– जय श्री राम के नारे से गूंजा शहर
नागपुर :- विजयदशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, पूरे देश में असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक रूप में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। नागपुर में भी इस अवसर पर भव्य रावण दहन उत्सव का आयोजन किया गया, जो वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। इस वर्ष भी नागपुर के प्रसिद्ध कस्तूरचंद पार्क में सनातन धर्म युवक सभा द्वारा रावण दहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह सभा हर वर्ष इस आयोजन को एक सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व के रूप में आयोजित करती है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण थी विशाल रावण, मेघनाद और कुंभकरण की प्रतिमाएँ, जिन्हें बड़े ही सुंदर और आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जैसे ही शाम ढलने लगी और माहौल में रोशनी की चकाचौंध फैली, “जय श्रीराम” के नारों की गूंज के बीच इन तीनों पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजियों और ध्वनि प्रभावों ने उत्सव को और भी रोमांचक बना दिया। दशहरा का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। रावण, जो अहंकार, लालच और अधर्म का प्रतीक माना जाता है, उसका दहन यह दर्शाता है कि अंततः सत्य और न्याय की ही जीत होती है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जैसे रामलीला के अंश, भजन, और नृत्य भी प्रस्तुत किए गए, जिससे दर्शकों को पौराणिक इतिहास से जुड़ने का अवसर मिला।




