– घाट मार्ग भी जर्जर, ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
यासीन शेख, गोंदिया सालेकसा :- दरेंकसा से सालेकसा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हाजराफाल पहाड़ी के समीप निर्मित सुरक्षा दीवार पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी है, जिससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले वाहन चालकों के सामने गंभीर दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित यह मार्ग पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में सुरक्षा दीवार का टूटा होना आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है.
जानकारी के अनुसार हाजराफाल पहाड़ी पर घाट चढ़ते समय मार्ग के किनारे बनी सुरक्षा दीवार कई स्थानों पर टूट चुकी है. दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन जरा सी असावधानी में गहरी खाई की ओर जा सकते हैं. विशेषकर रात के समय तथा वर्षा ऋतु में यहां से गुजरना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है.बारिश के दौरान सड़क फिसलन भरी हो जाती है और दृश्यता भी कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पूर्व में भी छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं.
सिर्फ सुरक्षा दीवार ही नहीं, बल्कि दरेंकसा से सालेकसा की ओर जाते समय घाट का मार्ग भी अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है. सड़क पूरी तरह धूल-धूसरित हो गई है और कई स्थानों पर गड्ढे बन चुके हैं.बड़े वाहनों के गुजरने पर अत्यधिक धूल उड़ती है, जिससे पीछे आने वाले छोटे वाहन चालकों को सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता. दृश्यता कम होने के कारण आमने-सामने टक्कर की आशंका बनी रहती है. दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए यह मार्ग और भी अधिक खतरनाक साबित हो रहा है.
ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग से यात्रा करने वाले नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सुरक्षा दीवार की शीघ्र मरम्मत कर उसे मजबूत एवं पक्के रूप में पुनर्निर्मित किया जाए. साथ ही घाट मार्ग की तत्काल मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा सड़क पर पानी का छिड़काव या डामरीकरण कर धूल की समस्या से राहत दिलाई जाए.
स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.लोगों ने चेतावनी दी है कि जनहित में शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.अब देखना यह है कि संबंधित विभाग कब तक इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाता है.




