– शहर में जलवाहिनी बनी चुनौती
छत्रपति संभाजीनगर :- शहर की बढ़ती पानी की जरूरत को देखते हुाए पैठण रोड पर बिछाई गई 2,500 मिमी व्यास की जलवाहिनी अब यातायात के लिए बड़ी चुनौती बन गई है व उससे 18 से 20 किमी तक सड़क संकरी हो गई है. खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन ने जलवाहिनी के पूरे हिस्से में स्थायी लोहे के बैरिके लगाने का निर्णय लिया है. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से निर्धारित साढ़े सात मीटर की जगह में यह जलवाहिनी बिछाई थी. तदुपरांत राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सड़क का कार्य पूरा किया. कार्य पूरा होने के बाद जलवाहिनी के ऊपर से यातायात जारी रहने पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका तकनीकी जांच में सामने आई है. यदि जलवाहिनी फट गईं, तो अत्यधिक दबाव के कारण कोई वाहन हवा में उछलने की आशंका है. इस पृष्ठभूमि में सड़क भले ही संकरी रहे, पर जानलेवा यातायात नहीं इस दृष्टिकोण से जलवाहिनी के किनारे बैरिके लगाने का फैसला किया गया है. इस कार्य का जिम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को दिया गया है व शीघ्र ही इसका क्रियान्वयन शुरू होने की खबर है. जलवाहिनी के चलते कम हुई सड़क की चौड़ाई की भरपाई के लिए पहले एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव तैयार किया गया था, इसमें जलवाहिनी के विपरीत दिशा में नई भूमि अधिग्रहण कर उसी अनुपात में सड़क चौड़ी करने की योजना थी. हालांकि, केवल भूमि अधिग्रहण पर ही लगभग 350 करोड़ रुपए खर्च आने की जानकारी सरकार को दी गई थी.




