– 100 रुपए से अधिक पेट्रोल देने से इनकार, डीजल पर भी सीमा तय
– पेट्रोल पंप मालिकों के आशीर्वाद से कालाबाजारी शुरू
यासीन शेख गोरेगांव :- गोरेगांव शहर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। किल्लत की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है साथ ही बड़े पैमाने पर पेट्रोल डीजल की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद प्रति व्यक्ति 100 रुपए से अधिक पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। वहीं डीजल के लिए भी लगभग 500 रुपए की सीमा तय कर दी गई है। इस मनमानी व्यवस्था के कारण लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि यदि किसी को आपात स्थिति में बाहर जाना पड़े, तो बार-बार लाइन में लगना मुश्किल हो जाता है। वहीं जेसीबी, पोकलैंड जैसी भारी मशीनों के संचालन के लिए इतनी कम मात्रा में डीजल पर्याप्त नहीं है, जिससे शासकीय और निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
गोंदिया के जिलाधिकारी प्रजीत नायर द्वारा लोगों से घबराहट न फैलाने और संयम बनाए रखने की अपील के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है उल्टा पेट्रोल पंप पर भारतीय पेट्रोलियम के नियमों की अहवेलना सरेआम हो रही है।
गोरेगांव तहसील में लगभग 8 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म होने की बात कही जा रही है, जबकि जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कड़ी धूप में लोग घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं।
कुछ स्थानों पर स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद “पेट्रोल खत्म” के बोर्ड लगाए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 मार्च की शाम तक नए स्टॉक के आने की संभावना है, फिर भी वितरण पर लगाई गई सीमा के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है।
इस बीच क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी शुरू होने की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। लोगों को अधिक कीमत देकर ईंधन खरीदना पड़ रहा है, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ गई है।








