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एसबीएल कंपनी विस्फोट : मृतकों के आंकड़ों में बढ़ोतरी, अब तक 27

– एक और महिला श्रमिक की मौत

कोंढाली :- संसार की गाड़ी खींचने और अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य का सपना देखने वाली एक और मां नियति के क्रूर खेल का शिकार हो गई। राऊलगांव स्थित एसबीएल कंपनी में दो महीने पहले हुए भीषण विस्फोट में गंभीर रूप से घायल दुर्गा मनोज घाडगे ने सोमवार को दम तोड़ दिया. 2 महीने और 4 दिनों तक मौत से जूझने के बाद आखिरकार उनकी सांसें थम गईं. इस दुखद मृत्यु के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या अब 27 हो गई हैं.

दुर्गा और उनके पति मनोज पिछले एक साल से इस कंपनी में काम कर रहे थे. घटना के दिन दोनों हमेशा की तरह साथ घर से निकले थे. हालांकि वे एक ही छत के नीचे थे, लेकिन अलग-अलग प्लांट में काम कर रहे थे. जब विस्फोट हुआ, मनोज दूसरे प्लांट में होने के कारण बाल-बाल बच गए, लेकिन उन्हें अपनी पत्नी को अपनी ही आंखों के सामने आग की लपटों में घिरते देखने का दुर्भाग्य झेलना पड़ा.

मूल रूप से मध्य प्रदेश के पांढुर्णा (सायखेड़ा) की रहने वाली दुर्गा अपनी पांच बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाड़ली थी. उनका विवाह 2014 में हुआ था. दुर्गा और मनोज अपनी दो छोटी बेटियों के भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत शिवाली (7) दूसरी कक्षा की छात्रा है. दुर्गा हमेशा कहती थीं कि उनकी बेटियों को कभी वैसी गरीबी और संघर्ष न देखना पड़े जैसा उन्होंने देखा. लेकिन आज मां के चले जाने से उन मासूमों की शिक्षा और भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है. घाडगे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत नाजुक है. परिवार और शुभचिंतकों में इस घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है, वहीं कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

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