– शिक्षा मंत्री, सचिव को भेजा पत्र
नागपुर :- शालार्थ आईडी तथा पद निर्मिति के मामलों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निपटारा नहीं करने वाले शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद ने की है। इस संबंध में शालेय शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है।
परिषद की ओर से बताया गया कि उच्च न्यायालय ने रिट याचिका क्रमांक 1520/2026 में दिये गये आदेश में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के स्थानांतरण, पदोन्नति तथा शालार्थ प्रणाली में नाम शामिल करने संबंधी शासन के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। परिषद का आरोप है कि न्यायालय की टिप्पणी के बावजूद संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ है। परिषद के अनुसार राज्य सरकार ने 12 जून 2026 को शालार्थ प्रणाली से संबंधित कार्यों के लिए प्रत्येक स्तर पर निश्चित समयसीमा निर्धारित करते हुए शासन निर्णय जारी किया था। इसके बावजूद इस निर्णय का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, शालार्थ आईडी और पद सृजन से जुड़े हजारों मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित पड़े हैं। इससे बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी नियमित वेतन से वंचित होकर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। परिषद ने शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा संचालकों के कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। परिषद का आरोप है कि शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। शासन के आदेशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करना आवश्यक है। शिक्षक परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शालार्थ आईडी और पद सृजन से संबंधित लंबित मामलों का तत्काल निपटारा नहीं किया गया, तो राज्यभर में असंतोष बढ़ सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है।





