– मिड-डे मील से हड़कंप : भामरागड़ तहसील में 100 से अधिक छात्र विषबाधा का शिकार
– आश्रमशाला प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस
गड़चिरोली :- जिले की भामरागड़ तहसील अंतर्गत आने वाले लाहेरी के सरकारी माध्यमिक तथा कनिष्ठ महाविद्यालय के छात्रों को भोजन के बाद विषबाधा होने की खलबली मचा देने वाली घटना बुधवार को उजागर हुई थी. दोपहर तक इस घटना में 70 छात्र बीमार होकर उन्हें तत्काल वैद्यकीय उपचार अस्पताल में भर्ती कर कराया गया. लेकिन देर शाम तक बाधित छात्रों संख्या में तेजी से वृध्दि होने के कारण यह आंकड़ा 104 तक पहुंच गया था. इस घटना से शिक्षा विभाग समेत जिले में खलबली मच गई थी. घटना के बाद बाधित छात्रों को लाहेरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल और अहेरी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऐसे में गुरुवार को घटना के दूसरे दिन तक लाहेरी अस्पताल में भर्ती सभी छात्रों को छुट्टी दी गई. वहीं भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कुल 51 छात्रों में से 45 छात्रों को छुट्टी देकर 6 छात्रों को डाक्टरों के निगरानी में रखा गया है. विशेषतः अहेरी के उपजिला अस्पताल में भर्ती दो छात्रों में एक छात्र को नागपुर के एम्स अस्पताल में रेफर किए जाने की जानकारी भामरागड़ के प्रकल्प कार्यालय से मिली है. हालांकि दूसरे दिन तक विषबाधा होने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. बाधित छात्रों को लाहेरी, भामरागड़ और अहेरी के अस्पताल में भर्ती कराया था.इस घटना से पूरे जिले में खलबली मच गई है। बुधवार दोपहर तक करीब 70 छात्र अचानक बीमार पड़ गए, जिन्हें तत्काल वैद्यकीय उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालांकि शाम तक बीमार छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि होती गई और यह आंकड़ा 104 तक पहुँच गया। भोजन के बाद छात्रों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। स्थिति बिगड़ते देख छात्रों को लाहेरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल तथा अहेरी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया। दूसरे दिन गुरुवार तक लाहेरी अस्पताल में भर्ती सभी छात्रों को छुट्टी दे दी गई, जबकि भामरागड़ ग्रामीण अस्पताल में भर्ती 51 छात्रों में से 45 को छुट्टी देकर 6 छात्रों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। वहीं अहेरी उपजिला अस्पताल में भर्ती दो छात्रों में से एक छात्र की हालत गंभीर होने के कारण उसे नागपुर के एम्स अस्पताल में रेफर किया गया है।
इस पूरे मामले में आश्रमशाला प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अन्न व औषध प्रशासन (FDA) विभाग की टीम ने आश्रमशाला पहुंचकर भोजन के नमूने एकत्र किए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही विषबाधा के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
एफडीए की टीम ने लिए सैंपल
अहेरी उपजिला अस्पताल में आश्रमशाला की चंदा और कमलेश पुंगाटी को लाया गया था. इनमें चंदा की तबीयत में सुधार होकर दूसरे दिन भी उसे डाक्टरों की निगरानी में अस्पताल में रखा गया है. लेकिन कक्षा 8वीं में शिक्षारत कमलेश की तबीयत में सुधार नहीं आने के कारण उसे नागपुर के एम्स अस्पताल में रेफर किया गया है. अन्न व औषध प्रशासन विभाग की टिम लाहेरी के आश्रमशाला में पहुंचकर स्पेमल ले गये. टिम की रिपोर्ट के बाद ही विषबाधा होने का कारण स्पष्ट हो पाएगा.




