– फर्जी शिकायत या सत्ता का दबाव? विधायक विकास ठाकरे का प्रशासन को अल्टीमेटम
– चार घंटे तक रोका गया प्रचार, राज्य चुनाव आयुक्त से कांग्रेस प्रत्याशी की शिकायत
नागपुर :- महानगरपालिका चुनाव प्रक्रिया में बुधवार को उस समय एक अजीबोगरीब वाकया हुआ जब विपक्षी पार्टी के एक प्रत्याशी पर दबाव डालने का प्रयास चुनाव अधिकारियों ने किया. प्रभाग- 11 में हुई इस घटना के बाद विधायक विकास ठाकरे ने प्रशासन को सख्त लहजे में निष्पक्ष रहने की चेतावनी दी है. बुधवार को प्रभाग-11 के कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव प्रचार कर रहा था.
इस दरम्यान चुनाव ड्यूटी पर कार्यरत चुनाव अधिकारी आरती गवई, नित्यानंद झा मानकापुर थाने के पीएसआई कांबले के साथ कांग्रेस उम्मीदवार के घर पहुंचे. अधिकारियों ने उसे फोन कर प्रचार छोडक़र घर बुलाया. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि चुनाव आयोग को उसके खिलाफ एक शिकायत मिली है. इसमें आरोप लगाया गया है कि वे मतदाताओं को शेगांव दर्शन करा रहे हैं.
उम्मीदवार ने अधिकारियों को बताया कि उनका ट्रैवल्स का बिजनेस है. आरोप सरासर गलत है. यदि किसी को वाहन की आवश्यकता होती है तो वे मांगने आते हैं. यह निजी व्यवसाय है. किसी के निजी व्यवसाय से आचार संहिता का कोई लेना-देना नहीं होता.
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विधायक विकास ठाकरे के अनुसार बीजेपी की हालत बहुत खराब है. जनता का रुख देखकर बीजेपी पर इस तरह के हथकंडे अपनाने लगी है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इस तरह डराने-धमकाने का कार्य कांग्रेस यह विपक्ष के किसी भी प्रत्याशी के साथ किया गया तो कांग्रेस उसका मुंहतोड़ जवाब देगी. इस तरह की फर्जी शिकायत में बीजेपी का नाम सामने न आए इसके लिए भाजपा ने मनसे कार्यकर्ता के नाम शिकायत की. यह शिकायत पूरी तरह फर्जी है.
निष्पक्ष नहीं रहे तो मिलेगा करारा जवाब
इस संबंध में संबंधित उम्मीदवार ने रा’य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे और मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी से मामले की शिकायत की है. उन्होंने बताया कि फर्जी शिकायत के जरिए चुनाव अधिकारियों ने 4 घंटा प्रचार करने से रोका. इस संबंध में निष्पक्ष जांच की मांग पांडे ने की है.




