– अन्य अधिकारियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
नई दिल्ली :- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई एनटीए में व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा है। हाल के वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने एनटीए के ढांचे में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनटीए के संपूर्ण पुनर्गठन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाना है। मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सुधार से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे।
एनटीए में केवल 39 स्थायी कर्मचारी:
राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एनटीए में वर्तमान में केवल 39 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 73 कर्मचारी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर नियुक्त हैं। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि एजेंसी का संचालन केवल स्थायी और संविदा कर्मचारियों पर निर्भर नहीं है। परीक्षा संचालन के दौरान बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मियों और अल्पकालिक नियुक्तियों का भी सहयोग लिया जाता है।





