– दिल्ली ब्लास्ट के बाद बड़ा अलर्ट
नागपुर :- दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद वैसे भी पूरे देशभर के शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया था. इसमें नागपुर का नाम सबसे ऊपर था. पुलिस विभाग ने शहर में गश्त बढ़ा दी थी. इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी की जा रही थी लेकिन मंगलवार को अचानक ही संघ मुख्यालय और आसपास के परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा-व्यवस्था से साफ है कि संघ बिल्डिंग पर भी आतंकी खतरा मंडरा रहा है. इस बारे में पुलिस विभाग और एजेंसियां कुछ भी बोलने से कतरा रही हैं लेकिन अचानक परिसर की सुरक्षा चाकचौबंद होने से परिसर के नागरिकों में भी हड़कंप मचा हुआ है. दिल्ली में 10 नवंबर को हुए आत्मघाती कार ब्लास्ट के पहले ही एजेंसियों को खतरे के इनपुट मिल चुके थे. इसी आधार पर फरीदाबाद और कश्मीर के पुलवामा से आतंकियों की गिरफ्तारी हुई. सुरक्षा एजेंसियों ने 2,500 किलो से ज्यादा विस्फोटक जब्त किया लेकिन कुछ विस्फोटक पहले ही गायब हो चुका था जिसे उमर ने दिल्ली में उपयोग करके लाल किले के पास ब्लास्ट किया. इसकी संभावना है कि इसी तरह विस्फोटक अन्य शहरों में भी किया जा सकता है. दिल्ली की तरह ही अन्य जगहों पर भी ब्लास्ट किया जा सकता है, इसीलिए सावधानी बरती जा रही है.
संघ बिल्डिंग होने के कारण वैसे भी शहर हमेशा से आतंकी संगठनों की हिट लिस्ट में रहा है. इसके पहले भी जून 2006 में आरआरएस मुख्यालय पर फिदायीन हमला हो चुका है. हालांकि पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टली थी और तीनों आतंकियों को मार गिराया गया था. इसके पश्चात बड़कस चौक पर सिमी के लोगों ने पाइप बम भी प्लांट किया था. खुफिया एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली के बाद नागपुर में भी इस प्रकार की घटना हो सकती है, इसीलिए सुरक्षा के लिहाज से सख्त कदम उठाए जा रहे है. मंगलवार को अचानक आता पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल बड़कस चौक से संघ मुख्यालय परिसर में दाखिल हुआ. यहां सुरक्षा-व्यवस्था पर मंथन किया गया, संघ बिल्डिंग की ओर जाने वाली हर एक सड़क पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.
सुरक्षा एजेंसियों को मिला ‘तगड़ा इनपुट’?
हर एंट्री प्वाइंट पर बेरिकेड्स लगाए गए हैं. सामान्य की तरह नहीं बल्कि भारी भरकम बैरिकेड से सड़क को घेरा गया है. स्थानीय नागरिकों के अलावा परिसर में जाने वाले हर शख्स से पूछताछ की जा रही है. मंगलवार की दोपहर 2 कंबल विक्रेता परिसर में दाखिल हुए, उन्हें देखते ही सुरक्षाकर्मी सचेत हो गए. हुलिया कश्मीरी था, इसीलिए कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची. काफी देर तक उनसे पूछताछ की गई. सामान्य विक्रेता होने की पुष्टि के बाद उन्हें छोड़ा गया. इससे साफ है कि सिटी पुलिस को कोई तगड़ा इनपुट मिला है क्योंकि 10 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट के बाद भी इतनी सुरक्षा नहीं थी जितनी मंगलवार को लगाई गई.




