– 2 और लोगों की मौत
नागपुर :- विदर्भ में पिछले आठ दिनों से पारा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। इसके चलते खुले में आश्रय लेने वाले लोग तो परेशान हैं ही, साथ ही पिछले 24 घंटों में सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे दो और लोगों की मौत हो गई है। आशंका है कि दोनों मौतें ठंड के कारण हुईं। इनमें से एक मौत तहसील पुलिस थाना क्षेत्र के भगवाघर चौक में और दूसरी खापरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुई। इसके चलते ठंड से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में खुले में सोने वालों के लिए आश्रय की समस्या फिर से सामने आ गई है। तहसील पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित भगवाघर चौक पर स्थानीय निवासियों ने एक 55 वर्षीय व्यक्ति को बेहोश पाया। पुलिस को सूचना देने के बाद, अज्ञात व्यक्ति को तुरंत मायोट्टे अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। खापरखेड़ा इलाके में एक महिला भी मृत पाई गई
आठ दिनों में 9 मौतें
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान, शुक्रवार को मेडिकल और मायो क्षेत्रों में दो मौतें हुईं, जबकि तीसरी मौत वाडी पुलिस थाना क्षेत्र के लावाक्कल लेआउट इलाके में हुई। अगले दिन, शनिवार को, वाडी, एमआईडीसी और पचपावली पुलिस थाना क्षेत्रों में सड़क किनारे बेहोश पाए गए तीन लोगों की मौत हो गई। चिंता की बात यह है कि भीषण ठंड से फ्रॉस्टबाइट के कारण मरने वाले सभी लोग लगभग 50 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के थे। सड़क किनारे असहाय अवस्था में बेहोश पाए गए इन सभी लोगों की अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। अभी तक किसी की भी पहचान नहीं हो पाई है। इस प्रकार, फ्रॉस्टबाइट के कारण वरिष्ठ नागरिकों की मौतों का सिलसिला लंबे समय से जारी है।
प्रदर्शनकारियों का क्या होगा , गरीबों का क्या होगा ?
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सम्मेलन के लिए शहर आए प्रदर्शनकारियों द्वारा झेली जा रही भीषण ठंड का संज्ञान लिया था । कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल अस्थायी आश्रय स्थल बनाने का निर्देश भी दिया था। सम्मेलन समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी अपने घरों को लौट चुके हैं। हालांकि, बेघर वरिष्ठ नागरिक और सामाजिक संगठन यह सवाल उठा रहे हैं कि कोर्ट शहर में असहाय अवस्था में शरण ले रहे वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराए गए आश्रय स्थल के मामले में कब संज्ञान लेगा।








