– 15 करोड़ की वसूली तय! महिला कर्मचारियों की सैलरी से कटेगा ‘लड़की बहिन’ का पैसा
– पेंशनभोगी भी नहीं बचे! ‘लड़की बहिन’ योजना में पकड़े गए रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी
मुंबई :- ‘लड़की बहिन’ योजना का लाभ सरकारी कर्मचारी भी उठा रहे हैं, यह बात सामने आई है। इन कर्मचारियों की संख्या अब बढ़कर 8,000 हो गई है। वित्त विभाग ने संबंधित विभागों को इन सभी कर्मचारियों से वसूली करने का आदेश दिया है। वसूली जाने वाली राशि लगभग 15 करोड़ रुपये है और इन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार द्वारा की गई घोषणाओं में, ‘लड़की बहिन’ योजना सबसे लोकप्रिय साबित हुई। इसके लिए बजट में 3,600 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था। इसलिए, सरकार ने इस योजना को बंद करने का फैसला किया और फर्जी लाभार्थियों की जाँच शुरू कर दी। पता चला कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने इसका लाभ उठाया था। लाभार्थी कर्मचारियों की संख्या, जो शुरू में सैकड़ों में थी, अब आठ हज़ार तक पहुँच गई है। गुरुवार को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की बैठक में इस संबंध में समीक्षा की गई।
सरकारी कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएँगे। इसी तरह, जहाँ स्पष्ट आदेश है कि केवल 2.5 लाख रुपये वार्षिक आय वाली महिलाएँ ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं, वहीं प्रशासन ने सरकार से 1,500 रुपये की ठगी के मामले को गंभीरता से लिया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी लाभार्थी सरकारी कर्मचारियों की सूची महिला एवं बाल कल्याण विभाग को सौंप दी है। इसमें जिला परिषद कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षक भी शामिल हैं। यह राशि महिला कर्मचारियों के वेतन से काटी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के साथ इस बात पर चर्चा चल रही है कि यह राशि उनके वेतन से चरणों में या एकमुश्त वसूली जाए।
योजना गरीबों के लिए, फायदा कर्मचारियों ने उठाया
महाराष्ट्र सिविल प्रक्रिया नियम 1979 (आचरण, अनुशासन और अपील) के अनुसार महिला कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है, और इन कर्मचारियों के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगी। गौरतलब है कि लड़की बहन योजना के लाभार्थियों में सरकारी पेंशनभोगी भी शामिल हैं। इसलिए, महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा यह सूची उन विभागों को दी जाएगी जहाँ मौजूदा महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इसी तरह पेंशन विभाग को भी पत्र भेजा जाएगा। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने भी राय दी है कि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।








