– 46.8 डिग्री सेल्सियस , वर्धा-अकोला में भी तापमान 46 पार
नागपुर :- विदर्भ में मई महीने की गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। मंगलवार को अमरावती जिले ने इस सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान बना दिया। अमरावती में आज अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ यह जिला पूरे महाराष्ट्र का सबसे गर्म इलाका बन गया है।अमरावती ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले वर्धा और अकोला भी भीषण ‘हीटवेव’ (लू) की चपेट में हैं। इन दोनों ही जिलों में भी पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है, जिससे दोपहर के समय जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।
विदर्भ में गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। समूचा विदर्भ इस वक्त भीषण ‘हीट वेव’ (लू) की चपेट में है और मानो एक तपते हुए आग के गोले में तब्दील हो चुका है। दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और ऐसा लगता है जैसे कर्फ्यू लगा हो। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक इस भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इस सीजन में अब तक का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा अमरावती से सामने आया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी आकड़ो की बात करें तो अमरावती 46.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ महाराष्ट्र का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया है। यहाँ की गर्म हवाएं और झुलसाने वाली धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अमरावती के साथ अकोला और वर्धा जिले भी पीछे नहीं है। वर्धा 46.5 डिग्री के साथ दूसरा सबसे गर्म जिला रहा, वहीँ अकोला जिले में 46 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म जिला रहा।
विदर्भ के अन्य जिलों के साथ नागपुर में भी सूरज देवता अपना प्रकोप बरसा रहे हैं। मंगलवार को नागपुर का तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान ज्यादा है। वहीं औसत की बात करे तो शहर के तापमान में दो डिग्री ज्यादा है।
भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) के कारण विदर्भ के अधिकांश शहरों में दोपहर के वक्त अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। बाजारों में सन्नाटा है और लोग चेहरा-सिर ढककर ही बाहर निकल रहे हैं। गन्ने का रस, नींबू पानी और छाछ के स्टॉल्स पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। जिला प्रशासनों ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद को हाइड्रेटेड रखें, सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर और मुंह को जरूर ढकें।
मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ के ऊपर एक एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में यह भारी उछाल आया है। अगले 48 से 72 घंटों तक विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में ‘सीवियर हीटवेव’ (भीषण लू) की स्थिति बनी रहेगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खुद को हाइड्रेटेड रखें और धूप में निकलने से बचें।