– ग्रामीण अस्पताल गोरेगांव में सेवाभाव की चर्चा
देवेंद्र दमाहे, गोंदिया :- बीमारी कभी समय देखकर नहीं आती। दिन हो या आधी रात, मरीजों को समय पर उपचार और उचित चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विजय पटले की कार्यशैली और मरीजों के प्रति सेवाभाव को लेकर स्थानीय स्तर पर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय अस्पताल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। विशेषकर आपातकालीन स्थिति और प्रसव के दौरान डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की तत्परता, संवेदनशील व्यवहार तथा उचित मार्गदर्शन मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत प्रदान करता है।
‘डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं’ यह कहावत मरीजों को कठिन समय में मिलने वाली चिकित्सा सहायता के महत्व को दर्शाती है। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानपूर्वक उपचार, आवश्यक मार्गदर्शन और उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार बेहतर चिकित्सा सेवा मिलना ही स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक पहचान है।
डॉ. विजय पटले के नेतृत्व में ग्रामीण अस्पताल गोरेगांव में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें, आपात स्थिति में समय पर सहायता उपलब्ध हो और ग्रामीण नागरिकों का शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास मजबूत बने यही जनहित की अपेक्षा है।








