– बनपुरी गांव की घटना
नागपुर :- जिले के पारशिवनी तहसील के बनपुरी गांव में बाड़ में बंधी एक गर्भवती गिरनार गाय को बाघ ने घेर लिया और नाले में खींचकर मार ड़ाला. जिससे बनपुरी, तेलंगखेड़ी और साटक क्षेत्रों के ग्रामीणों में इस घटना से भय फैल गया है. वनक्षेत्र में आनेवाले बनपुरी गांव में किसान धनराज गड़ी मेघरे बुधवार शाम को गायों को बांधकर घर लौट आए थे. गुरुवार की सुबह 7 बजे जब किसान चारा और पानी लेने खेत में गए तो उन्हें अपनी गर्भवती गिरगई गाय नहीं मिली। जब उन्होंने खेत का चक्कर लगाया और नाले के पास देखा तो उन्हें अपनी गर्भवती गिरनार जाति की गाय मृत पड़ी मिली. धनराज मेघरे ने सरपंच नंदलाल बाबनकुले और उपसरपंच रूपेश ढोबले, पुलिस पाटिल को सूचना दी, जिन्होंने क्षेत्र सहायक एस.एम. वंशिक को घटना की जानकारी दी.
कुछ ही देर बाद साटक से वनरक्षक धर्मपाल डोंगरे, गार्ड एस.एस. नागरगुचे, पीआरटी टीम और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष तुपट मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा किया. इसके बाद, साटक से पशु चिकित्सा अधिकारी ने डॉ. संतोष तुपट को बुलाया और गाय का पोस्टमार्टम कराया और रिपोर्ट तैयार करके वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी. बनपुरी फार्म क्षेत्र में बाघों और तेंदुओं की बढ़ती संख्या ने आसपास के गांवों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. इस संबंध में, वन रेंजर धर्मपाल डोंगरे, क्षेत्र सहायक अधिकारी एस.एम. वासनिक और पीआरटी टीम सुबह 9.3० बजे गांव पहुंची.
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
बनपुरी गांव के सरपंच नंदलाल बाबनकुले, उप सरपंच रूपेश ढोबले, पुलिस पाटिल और गांव के किसानों एवं ग्रामीणों ने किसान धनराज गड़ी मेघरे को हुए लगभग 65 हजार रुपये के नुकसान के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की है. पीडि़त किसान धनराज मेघरे ने बताया कि उनका लगभग 65 से 68 हजार रुपये का नुकसान हुआ है और वन विभाग से तत्काल मुआवजा देने और बाघ को पकडऩे की मांग करने का आग्रह किया है, क्योंकि बनपुरी, तेलंगखेड़ी, सटक और आसपास के गांवों में बाघों और तेंदुओं का भय व्याप्त है.




