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141 गांवों में नहीं है श्मशान घाट

– श्मशान भूमि के लिए मंजूर होंगे 20 लाख

नागपुर :- जिले के जिन गांवों में श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं है उनकी सूची तैयार कर 15 मार्च तक प्रस्ताव सादर करने का निर्देश जिलाधिकारी विपिन इटनकर ने सभी तहसीलदारों को दिया है. नियोजन भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने विविध विषयों की समीक्षा की और दिशानिर्देश दिये. उन्होंने कहा कि ‘गांव वहां श्मशान भूमि’ योजना के अंतर्गत जिले में उपलब्ध शासकीय भूमि पर श्मशान भूमि निर्माण के लिए सभी तहसीलदारों को गट विकास अधिकारियों के साथ समन्वय कर पहल करनी चाहिए.

जिन गांवों में श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची तैयार कर इस समस्या के समाधान हेतु समयबद्ध योजना बनाना आवश्यक है. जिन गांवों में झुड़पी जंगल है वहां वन विभाग से चर्चा की जाए और जहां यह विकल्प उपलब्ध न हो वहां निजी भूमि मालिकों से संपर्क कर 15 मार्च तक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाए. उन्होंने कहा कि निजी जमीन की खरीदी के लिए 20 लाख रुपये की निधि मंजूर की जाएगी. जिले के 141 गांवों में श्मशान भूमि ही नहीं है जिससे नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बैठक में जिप सीईओ विनायक महामुनि, उपवनसंरक्षक विनीता व्यास, अपर जिलाधिकारी प्रवीण महिरे, निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

जिले के नरखेड़ और काटोल तहसील को जल संकट का सामना करना पड़ता है, इसे ध्यान में रखते हुए अभी से नए बोरवेल और टैंकर की योजना बनाने का निर्देश उन्होंने दिया. बोरवेल फ्लशिंग सहित जलस्रोत सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत कार्यों को गति देने और आगामी जून तक सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी उन्होंने दिए.

बैठक में झुड़पी जंगल, वेणा परियोजना, नगर परिषद एवं पंचायतों के अंतर्गत स्वामित्व योजना, मिशन स्वास्थ्य प्लस, मंडल स्तर के खेल मैदान, तुकड़ाबंदी कानून, महाराजस्व अभियान, जल संकट, महावितरण, सिंचाई तथा चुनाव संबंधी विषयों की समीक्षा की गई. इस अवसर पर सभी तहसीलदार, बीडीओ, नगर परिषद एवं पंचायतों के मुख्याधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. 10 से ऑनलाइन सुनवाई : उन्होंने बताया कि 10 मार्च से प्रत्येक तहसील स्तर पर ऑनलाइन सुनवाई शुरू की जाएगी. इसके लिए सभी तहसील कार्यालयों की सुविधाएं अपडेट की जानी चाहिए. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तहसील कार्यालय का बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी. तुकड़ाबंदी कानून के अंतर्गत नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए शीघ्र ही एसआईटी गठित करने की जानकारी उन्होंने दी. उन्होंने कहा कि इससे लोगों की समस्याओं का समाधान होगा, धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और कानून का उल्लंघन रोका जा सकेगा. इसके लिए जिला एवं उपविभागीय स्तर पर समितिय का गठन किया जाएगा.


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