मनपा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष की सुगबुगाहट

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– भाजपा कार्यकर्ताओं में बढ़ती नाराज़गी ; भाजपा की कार्यशैली पर बहस  

नागपुर :- नागपुर में आगामी महानगर पालिका चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष की चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। भाजपा के 69 वर्षीय वरिष्ठ एवं लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर कुछ गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एडवोकेट गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, नव नियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं महाराष्ट्र प्रभारी सरोज पांडेय तथा भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण को पत्र भेजा है।

पत्र में नागपुर महानगर पालिका चुनाव के लिए गठित चुनाव समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। गुप्ता ने आरोप लगाया है कि प्रभाग क्रमांक 8 ‘ड’ (सर्वसाधारण वर्ग) से उम्मीदवार चयन में वर्षों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे निष्ठावान कार्यकर्ता की अनदेखी की गई।

उनके अनुसार, जिस व्यक्ति को टिकट दिया गया, उसने न तो पार्टी में औपचारिक रूप से आवेदन किया था और न ही चयन प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में भाग लिया था। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित उम्मीदवार की पहचान एक पूर्व भाजपा विधायक के पुत्र के रूप में बताई जा रही है, जिस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराज़गी देखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, इस निर्णय को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम मतदाताओं के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोगों का कहना है कि इस प्रकार की कार्यशैली से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँच सकता है, जबकि अन्य इसे आंतरिक लोकतंत्र से जुड़ा प्रश्न बता रहे हैं।

पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में यह चर्चा भी सुनने में आ रही है कि टिकट वितरण की इस प्रक्रिया से पार्टी की पारंपरिक कार्यसंस्कृति और पहचान को लेकर असहजता पैदा हुई है, और कुछ लोग इसकी तुलना कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली से कर रहे हैं। हालांकि, यह चर्चाएँ अनौपचारिक स्तर पर ही बताई जा रही हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा नेतृत्व से अपेक्षा की जा रही है कि वह कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करेगा और स्थिति स्पष्ट करेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महानगर पालिका जैसे स्थानीय चुनावों में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और ऐसे मामलों का समय रहते समाधान पार्टी के संगठनात्मक संतुलन के लिए आवश्यक है।