Home Latest News बाढ़ के तीन साल, सबक अब भी अधूरा

बाढ़ के तीन साल, सबक अब भी अधूरा

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<p><strong>&&num;8211&semi; कई काम पूरे&comma; लेकिन जलनिकासी और नालों की बदहाली बरकरार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>23 सितंबर 2023 को अंबाझरी बांध से नीचे और नाग नदी के किनारे के इलाकों में आई भीषण बाढ़ को तीन साल पूरे हो गए हैं। करीब 109 मिमी बारिश कुछ ही घंटों में होने से अंबाझरी तालाब से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहा और पश्चिम नागपुर के कई हिस्से जलमग्न हो गए थे। इस बाढ़ ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और नाग नदी की जलवहन क्षमता की खामियों को उजागर किया था।<&sol;p>&NewLine;<p>बाढ़ के बाद कई बड़े इंजीनियरिंग कार्य किए गए हैं&comma; लेकिन कुछ महत्वपूर्ण काम अब भी अधूरे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण में पाया गया कि रिटेनिंग वॉल का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। वहीं कई नाले या तो पर्याप्त नहीं हैं या पत्तियों और अन्य कचरे से जाम हैं। शंकर नगर&comma; यशवंत नगर और अंबाझरी लेआउट जैसे क्षेत्रों में सड़कें ऊंची किए जाने के कारण कई मकान सड़क के स्तर से नीचे हो गए हैं। इससे भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।<img class&equals;"alignnone wp-image-66433 size-full" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;insidernewstoday&period;in&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;09&sol;A2&lowbar;copy&lowbar;800x448&period;webp" alt&equals;"" width&equals;"799" height&equals;"448" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>शंकर नगर के स्थानीय निवासियों के मुताबिक बाढ़ के बाद प्रशासन ने कई काम किए हैं&comma; लेकिन अब जलनिकासी व्यवस्था के नियमित रखरखाव और प्राकृतिक जलमार्गों को अवरोधमुक्त रखने पर ध्यान देने की जरूरत है। लोगों ने अंबाझरी के ओवरफ्लो प्वाइंट और नाग नदी के आसपास मौजूद अवरोधों तथा लगातार बढ़ाए जा रहे सड़क स्तर पर भी चिंता जताई।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>सड़कों के कांक्रीटीकरण ने बढ़ाई चिंता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>यशवंत नगर के स्थानीय निवासियों के अनुसार&comma; सड़कों के बड़े पैमाने पर कांक्रीटीकरण से बारिश के पानी के जमीन में रिसने की प्राकृतिक क्षमता कम हुई है। सड़क&comma; फुटपाथ और अन्य पक्के हिस्सों के बढ़ने से पानी के जमीन में समाने के रास्ते सीमित हो गए हैं। वहीं&comma; अंबाझरी लेआउट निवासी और बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि तालाब और उसके डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें बांध के तटबंध को मजबूत और चौड़ा करना तथा तालाब से पानी के नियंत्रित प्रवाह के उपाय शामिल हैं।<&sol;p>&NewLine;<p>केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र &lpar;सीडब्लूपीआरएस&rpar; की 2023 की बाढ़ संबंधी रिपोर्ट में नाग नदी पर स्थित एक निचले पुल के नीचे पानी के सीमित प्रवाह को बाढ़ के प्रमुख कारणों में बताया गया था। इसके बाद पुराने पुल को हटाकर पानी के बेहतर प्रवाह के लिए नए पुल का निर्माण किया गया।<&sol;p>&NewLine;

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