Home Latest News गोठणगांव में ‘एफ-2’ बाघिन और शावकों का जलवा

गोठणगांव में ‘एफ-2’ बाघिन और शावकों का जलवा

0
64

– पर्यटकों की भीड़ से बढ़ा खतरा, वन विभाग ने गोठणगांव गेट को घोषित किया संवेदनशील क्षेत्र

नागपुर :- उमरेड-पवनों-करहांडला अभयारण्य के गोठणगांव क्षेत्र की एफ-2 बाधिन और उसके पांच शावक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. लेकिन अब यह बाध शावक बड़े हो रहे हैं. कई बार गोठणगांव गेट के बाहर नॉन फारेिस्ट एरिया तक आने लगे हैं. इसके चलते अक्सर बाधिन और शावकों को देखने के लिए सड़क पर ही नागरिकों और पर्यटकों की भौड़ जमने लगी है.

इस बीच शावकों की बर्ताव में भी बदलाव दर्ज किया जा रहा है. इस स्थिति में वन्यप्राणियों का सुरक्षित मुक्त भ्रमण सुनिश्चित करने और संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए उपाय योजनाएं की जा रही हैं. इमी उपाय के तहत गोठणगांव गेट परिसर को भी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है इस क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों और अन्य किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगाई गई है. इसके बावजूट अनेक लोगों को बाथ दर्शन का आकर्षण होने से गोठणगांव रोड की ओर घूमते देखा जाता है. इसे देखते हुए वन कर्मचारी सुरक्षा के लिहाज से लोगों को समझाइश देना पड़ है. इस परिस्थिति के बीच शनिवार की भी दो कार सवार लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में घूमते मिले थे. जिसके बाद उनके खिलाफ जमनि की कार्रवाई की गई.

वन विभाग की अपील : बाघ देखने की चाह में जोखिम न लें

शावकों के साथ बाधिन और दूसरे फोटो में सड़क किनारे खड़े बाघ को देखने के लिए एकत्रित वाहनों की भीड़ अभयारण्य क्षेत्र के बाहर गोठणगांव मेट के आसपास कई बार बाधिन और शावकों का मुक्त संचार दर्ज किया जा रहा है इसीलिए कुछ क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र भी घोषित किया है इसीलिए नागरिकों से अपनी है तो कि संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश टाले. अगर, बाधिन या शवक दिखते भी हैं तो सागरिका और पर्यटक भी भीड़ नहीं करें, वन विभाग की ओर से विविध प्रतिबंधात्मक उपाय किए ज रहे हैं.