नागपुर :– 11,000 करोड़ रुपये के कर्ज घोटाले मामले में उद्योगपति मनोज जायसवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल सीबीआई उनके खिलाफ गहन पूछताछ कर रही है।
जायसवाल का यह कथित घोटाला निरव मोदी और विजय माल्या द्वारा बैंकों से बकाया कर्ज डुबाने जितना बड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि विभिन्न बैंकों से लिए गए 11,000 करोड़ रुपये का उपयोग उन्होंने निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य कार्यों में किया। बैंकों से लिए गए इस कर्ज पर ब्याज की राशि भी मूल रकम से अधिक हो चुकी है।
सीबीआई ने उन्हें पहली बार 2017 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वे जमानत पर बाहर थे। पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने अपना कारोबार आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टणम में स्थानांतरित कर लिया था।
करीब दस वर्ष पहले जायसवाल ने बॉम्बार्डियर नाम का एक निजी विमान खरीदा था। यह विमान भी कथित तौर पर कर्ज की राशि से लिया गया था। यह विमान पिछले नौ वर्षों से नागपुर हवाई अड्डे पर खड़ा है और बेकार पड़ा है। कई बैंकों ने इसे बेचकर कर्ज की वसूली करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
यूपीए सरकार के दौरान हुए कोयला घोटाले में भी जायसवाल का नाम सामने आया था। उस समय तत्कालीन कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और मनोज जायसवाल पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अनुभवहीन कंपनियों को कोयला खदानें आवंटित कराने के लिए दलाली ली थी। इस मामले में सीबीआई और ईडी ने उनके खिलाफ केस दर्ज किए हैं।




