– 106 आज पटना से लौटेंगे, 72 वर्षीय श्रद्धालु की काठमांडू में तबीयत बिगड़ी
नागपुर :- नेपाल में आए भीषण महाप्रलय और खराब मौसम के बीच पिछले तीन दिनों से फंसे नागपुर के 115 श्रद्धालुओं में से 106 आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आए हैं। नेपाल सीमा पार करने के बाद सभी यात्री बिहार के सीतामढ़ी पहुंचे, जहां स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की। इसके बाद उन्हें पटना रवाना कर दिया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल के बाद 106 श्रद्धालुओं की नागपुर वापसी के लिए पटना-नांदेड़ एक्सप्रेस में थर्ड एसी का विशेष कोच लगाया गया है। ट्रेन शनिवार सुबह 7 बजे पटना से रवाना हुई और श्रद्धालुओं के रविवार तड़के नागपुर पहुंचने की उम्मीद है।
खुशी बदली खौफ में
नागपुर के श्रीधर महाराज के नेतृत्व में 115 श्रद्धालुओं का जत्था 22 अगस्त को नेपाल यात्रा के लिए रवाना हुआ था। गोरखपुर से दो ट्रैवल बसों के जरिए 24 अगस्त को काठमांडू पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने महाशिवपुराण कथा, धार्मिक अनुष्ठान और पर्यटन स्थलों का आनंद लिया। इसी दौरान नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने हालात बिगाड़ दिए। भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालु दो दिनों तक मुश्किल परिस्थितियों में फंसे रहे। रास्ते बंद होने के कारण उनकी भारत वापसी भी अटक गई थी।
फडणवीस की पहल पर विशेष कोच
श्रद्धालुओं के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार के प्रयासों के बाद यात्रियों को पटना से नागपुर लाने के लिए ट्रेन में विशेष कोच की व्यवस्था की गई। जत्थे की इंदिरा चौधरी, सुलोचना खापरे, दीपक पांडे और वर्षा उपाध्याय शुक्रवार दोपहर काठमांडू से विमान के जरिए दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद वे केरल एक्सप्रेस से नागपुर के लिए रवाना हुए। उनके शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे नागपुर पहुंचने की संभावना है।
72 वर्षीय महिला की तबीयत बिगड़ी
जत्थे के साथ गईं 72 वर्षीय निर्मला शेषमणि पांडे की काठमांडू में अचानक तबीयत बिगड़ गई। जांच के बाद उन्हें काठमांडू स्थित शहीद गंगालाल नेशनल हार्ट केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एंजियोग्राफी में हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज पाए जाने के बाद डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी की सलाह दी है। मां की गंभीर स्थिति और इलाज के संभावित भारी खर्च को देखते हुए उनके बेटे रूपेश पांडे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय से मेडिकल सहायता और एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएमओ ने काठमांडू के सांसद संदीप राणा और भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। इसी बीच रूपेश की बहन वनिता तिवारी की भी सीतामढ़ी में तबीयत खराब हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।








