– उत्तर से आई सर्द हवाओं का असर
नागपुर :- नवंबर के मध्य में शुरु हुई ठंड दिसंबर में भी जारी रही. दिसंबर के 18 दिनों में पारा 10 डिग्री के नीचे बना रहा. जिसकी वजह से शहरवासी रवासी ठिठुरने के लिए मजबूर हुए. इतना ही नहीं नववर्ष के स्वागत भी लोगों ने ठिठुरन भरी ठंड के साथ किया. साल के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री कम रहा.
मौसम विभाग के अनुसार मध्यभारत में साल के शुरुआती दो से तीन दिनों तक तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. उसके बाद फिर से पारे में गिरावट दर्ज की जा सकती है. उत्तर से आने
वाली सर्द हवाएं ही ठंड का कारण बनी हुई हैं. इस बार दिसंबर महीने में अधिकांश समय हवा का रुख उत्तर से दक्षिण या उत्तर-पश्चिम की तरफ से बना रहा. बंगाल की खाड़ी में तैयार हुए अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से कुछ प्रमाण में आर्द्रता उत्तर भारत के राज्यों में पहुंच रही है. इसी वजह से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि में हल्की बारिश के साथ कोहरे का असर बना रहेगा. हालांकि मध्यभारत के आसमान में इसका असर नहीं पड़ने के आसार हैं. पाकिस्तान में बन रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेस की वजह से उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बना रहेगा. तापमान डिग्री सेल्सियस में के अंतिम दिन गोंदिया 8.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा. 8.5 डिग्री के साथ नागपुर विदर्भ में ठंड के मामले में दूसरे नंबर पर रहा. अमरावती में 8.7 डिग्री, वर्धा में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया. शेष जिलों में तापमान 10 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया.
सबसे ठंडा दिन 10 दिसंबर को दर्ज
भले ही दिसंबर महीने में 18 दिन पारा दस डिग्री के नीचे, 4 दिन पारा 10 डिग्री पर बना रहा हो, लेकिन पिछले साल के सबसे ठंडे दिन का रिकोई इस धार टूट नहीं पाया इस साल दिसंबर महीने में सबसे ठंडा दिन 10 दिसंबर को दर्ज किया गया. इस दिन पारा 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. जबकि गत वर्ष 15 दिसंबर के दिन पारा 7 डिग्री पर जा पहुंचा था. ऐसे में पिछले साल के सबसे ठंडे दिर इस बार एक डिग्री अधिक तापमान रहा. सासव यह है कि 29 दिसंबर 2018 को न्यूनतम तापमा 3.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जो कि इस सदी सबसे ठंडा दिन रहा था. वहीं 28 दिसंबर 201 न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया था.




