– चोरी के मामले में कोर्ट का फैसला, 20 हजार रुपए जुर्माना भी
नागपुर :- लकड़गंज थाना क्षेत्र में कंपनी के कार्यालय की खिड़की की लोहे की ग्रिल तोड़कर 5.11 लाख रुपए चोरी करने वाले आरोपी को अदालत ने तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-02, नागपुर एस.एच. ग्वालानी ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोपी पुंजारामवाड़ी, डिप्टी सिग्नल, कलमना, नागपुर निवासी नरेश अंकालु महिलांगे (34), को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।अदालत ने आरोपी को भादंवि की धारा 457 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 380 के तहत भी 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस जुर्माने को नहीं भरने पर भी 3 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा।
मामला 9 जनवरी 2021 का है। लकड़गंज थाना क्षेत्र के स्मॉल फैक्ट्री एरिया स्थित गंगा आयरन एंड स्टील ट्रेडिंग कंपनी के कार्यालय को बंद कर कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 12.52 से 1.58 बजे के बीच अज्ञात चोर ने कार्यालय की खिड़की की लोहे की ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर तोड़कर 5 लाख 11 हजार 250 रुपए नकद चोरी कर लिए थे। शिकायत के बाद लकड़गंज पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर आरोपी की पहचान की और 3 फरवरी 2021 को उसे गिरफ्तार किया। तत्कालीन जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सानप ने जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस के अनुसार आरोपी आदतन चोर है। उसके खिलाफ नागपुर शहर, ग्रामीण और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में चोरियों तथा शरीर संबंधी अपराधों के करीब 120 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ तड़ीपार, एमपीडीए और मकोका जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी बंद घरों और प्रतिष्ठानों की रेकी कर लगातार चोरी करता था। चोरी के बाद पुलिस की नजर से बचने के लिए दूसरे जिलों में जाकर रहने की उसकी कार्यप्रणाली थी। लकड़गंज पुलिस ने तकनीकी जांच, सीए रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ मजबूत मामला तैयार किया, जिसके आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में सरकारी पक्ष की ओर से एड. साईं खेडकर ने पैरवी की, जबकि आरोपी की ओर से एड. ए.जे. मनोहर ने पक्ष रखा। कोर्ट पैरवी अधिकारी पुलिस हवलदार अमर काले, नितिन सातपुते तथा महिला अंमलदार. सुशीला धुर्वे ने भी मामले में कार्य किया।








