– छह साल में नए वाहनों के पंजीकरण में करीब 86% की वृद्धि
नागपुर :- कभी चौड़ी सड़कों और सुचारु यातायात के लिए पहचाने जाने वाले नागपुर में अब ट्रैफिक जाम आम समस्या बनता जा रहा है। शहर में वाहनों की संख्या बढ़कर 32.42 लाख तक पहुंच गई है, जिससे सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
तीनों क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर शहर आरटीओ (एमएच-31) के अंतर्गत 15.08 लाख वाहन पंजीकृत हैं। वहीं, ग्रामीण आरटीओ (एमएच-40) में 9.19 लाख और पूर्व नागपुर आरटीओ (एमएच-49) में 7.83 लाख वाहनों का पंजीकरण है। पिछले छह वर्षों में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। पूर्व नागपुर आरटीओ में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 38,272 नए वाहन पंजीकृत हुए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 70,673 हो गई। इसी अवधि में शहर आरटीओ में नए वाहनों का पंजीकरण 16,790 से बढ़कर 35,492 हो गया। ग्रामीण आरटीओ में भी वार्षिक पंजीकरण 39,224 से बढ़कर 69,117 तक पहुंच गया।
नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में करीब 86% की वृद्धि
तीनों आरटीओ में मिलाकर वित्त वर्ष 2020-21 में 94,286 वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 1,75,282 हो गया। इस तरह छह वर्षों में नए वाहनों के पंजीकरण में करीब 86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों में ही तीनों आरटीओ में 86,648 नए वाहन पंजीकृत किए गए। इस आंकड़े के अनुसार, नागपुर में प्रतिदिन औसतन करीब 475 नए वाहन पंजीकृत हो रहे हैं। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था और सड़क क्षमता पर दबाव बढ़ने से ट्रैफिक जाम शहरवासियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।








