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ठेका दिलाने के नाम पर 5 करोड़ की ठगी

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<p><strong>&&num;8211&semi; सीताबर्डी पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;-<&sol;strong> निर्माण कार्य ठेका दिलाने का झांसा देकर 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दिल्ली के ठग कंस्ट्रक्शन व्यवसायियों के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है&period; आरोपियों में इंफ्रा सियन कंस्ट्रक्शन प्रा&period;लि&period; कंपनी के निदेशक अजय कुमार&comma; विजय कुमार तथा उनके सहयोगी नितिन त्यागी का समावेश है&period; पुलिस ने शिवाजीनगर निवासी नीतेश विनयकुमार संकलेचा &lpar;56&rpar; की शिकायत पर मामला दर्ज किया है&period; नीतेश मुंबई की दिग्विजय श्रद्धा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा&period;लि&period; के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हैं&period; इस कंपनी का शाखा कार्यालय किंग्सवे स्थित श्रद्धा हाउस काम्प्लेक्स में है&period; उनकी कंपनी कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम करती है&period; उनकी कंपनी के बगल में ही सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्रा&period;लि&period; कंपनी का कार्यालय है&period; वर्ष 2024 के सितंबर माह में पवन मल्होत्रा नामक व्यक्ति के माध्यम से उनकी मुलाकात अजय कुमार से दिल्ली में हुई थी&period;<&sol;p>&NewLine;<p>अजय कुमार ने स्वयं को इंफ्रासियन कंस्ट्रक्शन प्रा&period; लि&period; का निदेशक बताते हुए महाराष्ट्र में बड़े सड़क निर्माण प्रोजेक्ट दिलाने का आश्वासन दिया था&period; शिकायत में बताया गया कि अजय कुमार ने दावा किया था कि इरकॉन कंपनी को भंडारा-गड़चिरोली एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे &lpar;पैकेज बीजी-03&rpar; का ठेका मिला है&period; उक्त कार्य उनकी कंपनी को बैक-टू-बैक आधार पर मिलने वाला है&period; इस परियोजना में सहभागिता दिलाने के नाम पर अजय और विजय कुमार ने दिग्विजय और सरला प्रोजेक्ट कंपनी से 5 करोड़ रुपये अग्रिम के रूप में मांगे थे&period; अजय कुमार के आश्वासन और बड़ी-बड़ी बातों पर विश्वास करते हुए कंपनी ने 19 नवंबर 2024 को डीडी द्वारा 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया&period; भुगतान के बाद अजय कुमार ने समझौता करने में टालमटोल शुरू कर दी और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया&period; जांच के दौरान शिकायतकर्ता को पता चला कि संबंधित परियोजना निरस्त होने की प्रक्रिया में है तथा उक्त कार्य अटलांटा लिमिटेड को दिए जाने की जानकारी राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज में अपडेट की जा चुकी है&comma; साथ ही इरकॉन और एमएसआरडीसी के बीच भी उक्त कार्य को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है&period; अजय&comma; विजय और नितिन त्यागी ने मिलकर साजिश रचते हुए झूठे दावे कर कंपनी को धोखे में रखा और आर्थिक नुकसान पहुंचाया&period; आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया&period; इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई&period; पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है&period;<&sol;p>&NewLine;

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